वाराणसी : अखिल भारतीय किसान सभा का 90वां स्थापना दिवस, विभिन्न मांगों को लेकर उठाई आवाज

वाराणसी। अखिल भारतीय किसान सभा के 90वें स्थापना दिवस के अवसर पर आराजी लाइन विकासखंड के खेवली चकरा गांव में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन मास्टर सागर प्रसाद सिंह के आवास पर हुआ, जहां किसान सभा के कार्यकर्ताओं और स्थानीय किसानों ने उत्साह के साथ स्थापना दिवस मनाया।
 

वाराणसी। अखिल भारतीय किसान सभा के 90वें स्थापना दिवस के अवसर पर आराजी लाइन विकासखंड के खेवली चकरा गांव में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन मास्टर सागर प्रसाद सिंह के आवास पर हुआ, जहां किसान सभा के कार्यकर्ताओं और स्थानीय किसानों ने उत्साह के साथ स्थापना दिवस मनाया।

1936 में हुई थी किसान सभा की स्थापना
कार्यक्रम में वरिष्ठ किसान नेता लालमणि वर्मा ने संगठन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसानों की दुर्दशा को देखते हुए Swami Sahajanand Saraswati के नेतृत्व में वर्ष 1936 में दिल्ली में किसान सभा की स्थापना की गई थी। इस ऐतिहासिक मौके पर Jawaharlal Nehru, Hari Singh और Sampurnanand जैसे प्रमुख नेता मौजूद रहे थे।

किसानों के हक की लड़ाई आज भी जारी
कार्यक्रम का संचालन करते हुए किसान सभा वाराणसी के संयुक्त मंत्री शिव शंकर शास्त्री ने कहा कि संगठन 1936 से लेकर आज तक किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता आ रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की।

विभिन्न मांगों को लेकर उठाई आवाज
सभा में डीजल, पेट्रोल, बीज, खाद और कीटनाशक दवाओं को किसानों को मुफ्त उपलब्ध कराने, नीलगायों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने, बनारस में जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने और मजदूरों के हित में लाए गए नए चार कोड बिल को वापस लेने जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं।

बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
कार्यक्रम में छेदी लाल मास्टर, रमाशंकर दाढ़ी, कमला प्रसाद, बेचन लाल, गौरी शंकर, श्याम नारायण, केशव, श्यामा प्रसाद और भोलई समेत बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।