वाराणसी : पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में ऐपवा का उपवास, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधली और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की महिलाओं ने दुर्गाकुंड स्थित घसियारी टोला में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के निकट एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
 

वाराणसी। शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधली और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की महिलाओं ने दुर्गाकुंड स्थित घसियारी टोला में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के निकट एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।

भूख हड़ताल में शामिल महिलाओं ने बताया कि उनका यह कार्यक्रम दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरणविदों और छात्र-छात्राओं द्वारा चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में भी आयोजित किया गया। उनका आरोप था कि लंबे समय से जारी इस आंदोलन के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है।

सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने लेखपाल, यूपीएसआई, टीजीटी, पीजीटी और नीट जैसी परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं से लाखों युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की मांग की।

रोजा मैथ्यू ने अपने संबोधन में कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों ने बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग दोहराई।

ऐपवा की जिलाध्यक्ष सुतपा ने कहा कि युवाओं की समस्याओं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। कार्यक्रम में किसान नेता कृपा वर्मा ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो इसका असर देश के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में कृपा वर्मा ने भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं को जूस पिलाकर उनका उपवास समाप्त कराया। इस दौरान बेबी, धनशीला, सोनी, सोना, विभा, सीमा, अनीता, पूजा, स्मिता, गायत्री, मुन्नी सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।