वाराणसी : श्रावण मेले की तैयारियों और लंबित विवेचनाओं पर एडीसीपी सख्त, विवेचकों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

आगामी श्रावण मास में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण को लेकर अपर पुलिस उपायुक्त (गोमती जोन) नृपेन्द्र ने गुरुवार को बाबतपुर कार्यालय में गोमती जोन के सभी थानों से आए विवेचकों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, विवेचना की गुणवत्ता, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन और यातायात प्रबंधन सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
 

वाराणसी। आगामी श्रावण मास में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण को लेकर अपर पुलिस उपायुक्त (गोमती जोन) नृपेन्द्र ने गुरुवार को बाबतपुर कार्यालय में गोमती जोन के सभी थानों से आए विवेचकों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, विवेचना की गुणवत्ता, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन और यातायात प्रबंधन सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

एडीसीपी ने आगामी श्रावण मास के दौरान मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सुचारु यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

उन्होंने विवेचकों को बिना कारण लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रत्येक विवेचक को लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर शीघ्र अंतिम कार्रवाई करने को कहा गया।

एडीसीपी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक अभियोग दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर घटनास्थल का अनिवार्य निरीक्षण किया जाए। साथ ही भौतिक एवं डिजिटल साक्ष्यों का विधिसम्मत संकलन, उनका अभिलेखीकरण और केस डायरी का समय पर अद्यतन किया जाए, ताकि विवेचना में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।

बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिदिन नियमित पैदल गश्त करने, राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख मार्गों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार चालान करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा थाना क्षेत्रों में अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने, शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया। 

एडीसीपी ने सभी थाना प्रभारियों को यक्ष ऐप पर आवश्यक प्रविष्टियां नियमित और शुद्ध रूप से अपडेट करने तथा ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से प्रत्येक अभियोग में एसआईडी (SID) का समयबद्ध जनरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड की शुद्धता और अद्यतन व्यवस्था से विवेचना अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बन सकेगी।