वाराणसी : जर्जर बिजली तार से आम के पेड़ में लगी आग, ग्रामीणों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के चक्रपानपुर गांव स्थित मिर्जामुराद-निगतपुर मार्ग पर मंगलवार की शाम बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जर्जर और नीचे लटक रहे बिजली के तार के आम के पेड़ से संपर्क में आने से पेड़ में अचानक आग लग गई। समय रहते ग्रामीणों और बिजली विभाग की सक्रियता से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
 

वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के चक्रपानपुर गांव स्थित मिर्जामुराद-निगतपुर मार्ग पर मंगलवार की शाम बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जर्जर और नीचे लटक रहे बिजली के तार के आम के पेड़ से संपर्क में आने से पेड़ में अचानक आग लग गई। समय रहते ग्रामीणों और बिजली विभाग की सक्रियता से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम के समय सड़क से गुजर रहे लोगों ने आम के पेड़ से धुआं निकलते और आग की लपटें उठती देखीं। देखते ही देखते आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी तत्काल बिजली विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे और सबसे पहले शटडाउन लेकर बिजली आपूर्ति बंद कराई, ताकि किसी प्रकार का बड़ा हादसा न हो। इसके बाद कर्मचारियों ने पेड़ से बिजली का तार हटाया। ग्रामीणों की मदद से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया। त्वरित कार्रवाई के चलते आग आसपास के क्षेत्र में नहीं फैल सकी और स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां आसपास के बच्चे अक्सर खेलते रहते हैं और दिनभर लोगों का आवागमन भी बना रहता है। यदि आग लगने के समय कोई व्यक्ति या बच्चा बिजली की चपेट में आ जाता, तो गंभीर हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली के तार लंबे समय से जर्जर हालत में हैं और नीचे लटक रहे हैं, जिसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जर्जर एवं ढीले बिजली तारों को तत्काल बदला जाए और नियमित निरीक्षण कर ऐसी संभावित दुर्घटनाओं को रोका जाए। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।