वाराणसी : योग से अनुशासन, संवाद से नेतृत्व का पाठ सीख रहे 600 एनसीसी कैडेट

योगाभ्यास से स्वस्थ जीवनशैली और संचार कौशल के जरिए नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रशिक्षण शुक्रवार को 91 यूपी बटालियन एनसीसी के 12 दिवसीय ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ शिविर के तीसरे दिन दिया गया। वाराणसी स्थित स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल में आयोजित शिविर में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंडलों से आए करीब 600 कैडेट हिस्सा ले रहे हैं। शिविर में अनुशासन, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
 

91 यूपी बटालियन के 12 दिवसीय ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ शिविर का तीसरा दिन, कैडेट्स को व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश

तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और यूपी के कैडेट ले रहे हिस्सा; 90 प्रतिशत पहली बार पहुंचे काशी, सांस्कृतिक विरासत जानने को उत्साहित

वाराणसी। योगाभ्यास से स्वस्थ जीवनशैली और संचार कौशल के जरिए नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रशिक्षण शुक्रवार को 91 यूपी बटालियन एनसीसी के 12 दिवसीय ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ शिविर के तीसरे दिन दिया गया। वाराणसी स्थित स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल में आयोजित शिविर में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंडलों से आए करीब 600 कैडेट हिस्सा ले रहे हैं। शिविर में अनुशासन, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

योगाभ्यास से मानसिक मजबूती का संदेश
शिविर में लेफ्टिनेंट (सेवानिवृत्त) एम. एस. यादव ने कैडेट्स को योगाभ्यास कराया। उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक एकाग्रता और संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने कैडेट्स को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।

विकसित भारत के लिए जरूरी है युवा नेतृत्व
शिविर कमांडेंट कर्नल सुखवीर पुनिया ने कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ जैसे आयोजन विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके माध्यम से विभिन्न राज्यों के युवा एक-दूसरे की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को समझते हैं। साथ ही उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और आपसी समन्वय विकसित होता है।

प्रभावी संवाद से निखरेगा व्यक्तित्व
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहायक सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी चन्द्रशेखर ग्वाड़ी ने कैडेट्स को प्रभावी संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए सहानुभूति, लक्ष्य के प्रति समर्पण और दूसरों की बात ध्यानपूर्वक सुनने की क्षमता जरूरी है। उन्होंने कैडेट्स को जिज्ञासु बने रहने, सवाल पूछने और अपनी कमियों का आकलन कर उनमें सुधार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्पष्ट संवाद और दूसरों के विचारों का सम्मान अच्छे नेतृत्व की बुनियाद हैं। युवाओं को ऐसे लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए, जिनसे उनका विकास हो और परिवार व शिक्षकों को भी गर्व महसूस हो।

पहली बार काशी पहुंचे 90 प्रतिशत कैडेट
शिविर में शामिल करीब 90 प्रतिशत कैडेट पहली बार वाराणसी आए हैं। उनके लिए यह आयोजन प्रशिक्षण के साथ काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर भी है। विभिन्न राज्यों से आए युवाओं के बीच संवाद और सहभागिता से सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिल रहा है।

सर्वांगीण विकास पर जोर
12 दिवसीय शिविर में कैडेट्स के शारीरिक, मानसिक और व्यक्तित्व विकास के लिए विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस अवसर पर सूबेदार मेजर जीपी थापा, सूबेदार चन्द्रशेखर यादव, मेजर लाल बिहारी प्रसाद, चीफ ऑफिसर एके त्रिपाठी, सेकंड ऑफिसर ओम नारायण तिवारी, रामजी प्रसाद, सचिन यादव, हवलदार सुनील, रितेश कुमार और नायब सूबेदार मिलन थापा सहित अन्य अधिकारी, प्रशिक्षक एवं कैडेट उपस्थित रहे।