वाराणसी : सरैया में पेयजल व्यवस्था बेपटरी, 50 हजार लोग झेल रहे पानी का संकट
वाराणसी। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड-87 सरैया में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। विकास और मूलभूत सुविधाओं के दावों के बीच करीब 50 हजार की आबादी वाला यह वार्ड आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहा है। स्थिति ऐसी है कि कई मोहल्लों में लोगों के घरों तक पानी पहुंच ही नहीं रहा, जबकि जहां जलापूर्ति हो रही है वहां दूषित और बदबूदार पानी मिलने की शिकायतें आम हैं।
वार्ड के उंचवा, मुस्लिमपुरा, हाजी कटरा, भरौटी, इस्लामपुरा और जगदीश प्रसाद का बगीचा समेत कई क्षेत्रों में समस्या सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले दो से तीन वर्षों से नियमित जलापूर्ति बाधित है। जलकर का भुगतान करने के बावजूद लोगों को पर्याप्त और स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
पानी की कमी से परेशान कई परिवारों ने अपने स्तर पर समर्सिबल पंप लगवा लिए हैं। कुछ इलाकों में एक ही समर्सिबल से आठ से दस घरों तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। वार्ड में कई स्थानों पर पाइपलाइनें खुले में और हवा में लटकी दिखाई देती हैं, जो व्यवस्था की बदहाली को दर्शाती हैं। इसके अलावा कई गलियों और सड़कों की हालत भी खराब है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मिनी ट्यूबवेल होने के बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही है।
कैमरे के सामने लोगों ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए बताया कि पानी की समस्या ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कुछ परिवारों ने मेहमान बुलाना तक बंद कर दिया है, जबकि कई लोगों ने दूषित पानी के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की शिकायत की। हालात इतने खराब हैं कि कई परिवार मस्जिदों के कुओं, हैंडपंपों और पड़ोसियों के घरों से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों से शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। वहीं पार्षद प्रतिनिधि ने भी माना कि वार्ड में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि लोगों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध न करा पाने से उन्हें भी असहजता महसूस होती है। संबंधित विभागों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और जलकल विभाग से जल्द प्रभावी कदम उठाकर वार्ड में स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।