वाराणसी : बाढ़ प्रभावित गांवों में 413 पशुओं का टीकाकरण, 500 पशुओं को बांटी गई कीड़े की दवा

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मुस्तफाबाद और चांदपुर में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए बुधवार को पशु चिकित्सा विभाग की ओर से शिविर लगाया गया। शिविर में 413 पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव का टीका लगाया गया। इसके साथ ही पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य और बीमारियों से बचाव की जानकारी भी दी गई।
 

वाराणसी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मुस्तफाबाद और चांदपुर में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए बुधवार को पशु चिकित्सा विभाग की ओर से शिविर लगाया गया। शिविर में 413 पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव का टीका लगाया गया। इसके साथ ही पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य और बीमारियों से बचाव की जानकारी भी दी गई।

पशु चिकित्साधिकारी चिरईगांव डॉ. आरए चौधरी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य को देखते हुए विशेष अभियान चलाया गया। शिविर में चार माह तक के बच्चों और छह माह से अधिक गर्भित पशुओं को छोड़कर अन्य 413 पशुओं का खुरपका-मुंहपका रोधी टीकाकरण किया गया।

इसके अलावा 366 बड़े और 134 छोटे पशुओं को पेट के कीड़ों से बचाव की दवा वितरित की गई। विभाग की टीम ने 16 पशुओं की प्रीगनेंसी जांच भी की। वहीं, वायरल फीवर से पीड़ित आठ पशुओं के लिए दवा उपलब्ध कराई गई।

पशु चिकित्सा विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए नियमित निगरानी और उपचार पर जोर दिया जा रहा है। शिविर के दौरान पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सकों से संपर्क करने की सलाह दी गई।

शिविर में डॉ. सुधांशु सिंह, उमेश पांडेय, सतीश सिंह, पवन मौर्य, अनिकेत और प्रशांत समेत विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे। पशुपालकों में रामलोचन, पारस, अनिल, संगीता और नरेश ने भी शिविर में भाग लिया।