वाराणसी : मिर्जामुराद में बारिश का कहर, जर्जर मकान की छत भरभराकर गिरी, 18 सदस्यीय परिवार सुरक्षित

मिर्जामुराद क्षेत्र के बेनीपुर गांव में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच शुक्रवार सुबह एक पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत गिरने से मकान के अंदर रखा करीब एक कुंतल गेहूं, अन्य खाद्यान्न और घरेलू सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। हादसे में परिवार को काफी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि राहत की बात रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य छत के नीचे मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
 

वाराणसी। मिर्जामुराद क्षेत्र के बेनीपुर गांव में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच शुक्रवार सुबह एक पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत गिरने से मकान के अंदर रखा करीब एक कुंतल गेहूं, अन्य खाद्यान्न और घरेलू सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। हादसे में परिवार को काफी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि राहत की बात रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य छत के नीचे मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

जानकारी के अनुसार बेनीपुर गांव निवासी सुभाष और गुलाब का परिवार इसी पुराने मकान में रहता है। मकान में करीब 18 सदस्य रहते हैं। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण मकान की छत पर पानी जमा हो गया था। परिवार के लोगों के मुताबिक मकान पहले से ही जर्जर स्थिति में था और लगातार बारिश के चलते छत की हालत और कमजोर हो गई थी।

बताया गया कि गुरुवार रात परिवार के सदस्यों ने इसी मकान में किसी तरह खाना बनाया। खाना तैयार करने के बाद सभी लोग छत के कमजोर हिस्से से हटकर मकान के दूसरे हिस्से में चले गए। शुक्रवार सुबह अचानक छत का एक हिस्सा तेज आवाज के साथ नीचे आ गिरा। छत गिरने की आवाज सुनकर परिवार के लोग सहम गए और आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

छत का मलबा गिरने से कमरे में रखा घरेलू सामान उसकी चपेट में आ गया। करीब एक कुंतल गेहूं समेत अन्य अनाज मलबे में दब गया, जिससे वह खराब हो गया। इसके अलावा अनाज रखने वाली बाल्टी समेत कई घरेलू उपयोग की वस्तुएं भी क्षतिग्रस्त हो गईं। परिवार ने मलबा हटाकर सामान को बाहर निकालने का प्रयास किया।

घटना के बाद ग्रामीणों ने परिवार की मदद की। लोगों ने मलबा हटाने में सहयोग किया और घर में फंसे सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। परिवार के सभी 18 सदस्य सुरक्षित हैं। परिजनों का कहना है कि यदि छत गिरने के समय परिवार के लोग उसके नीचे मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

परिवार के मुताबिक मकान की हालत पहले से खराब थी और बारिश के दौरान छत पर पानी जमा होने से खतरा लगातार बना हुआ था। छत गिरने के बाद घर में रखा खाद्यान्न और जरूरी घरेलू सामान खराब हो गया है। ऐसे में परिवार के सामने आर्थिक नुकसान के साथ-साथ रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है।

परिजनों ने प्रशासन से मौके पर नुकसान का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी गांव में जर्जर मकानों की स्थिति का जायजा लेने और बारिश के दौरान कमजोर भवनों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के बीच पुराने मकानों को लेकर समय रहते सावधानी बरती जाए तो संभावित हादसों को रोका जा सकता है।