पढ़ाई से बचने के लिए घर से निकली दो नाबालिग लड़कियां सकुशल बरामद, सारनाथ पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा स्टेशन से खोज निकाला

वाराणसी। सारनाथ थाना पुलिस ने सराहनीय कार्रवाई करते हुए पढ़ाई से बचने के लिए घर से निकली दो नाबालिग गुमशुदा बालिकाओं को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। यह सफलता पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में चलाए जा रहे गुमशुदा और अपहृताओं की बरामदगी अभियान के तहत हासिल हुई है। बालिकाओं की सुरक्षित वापसी पर परिजनों ने पुलिस टीम की जमकर सराहना की।
 

वाराणसी। सारनाथ थाना पुलिस ने सराहनीय कार्रवाई करते हुए पढ़ाई से बचने के लिए घर से निकली दो नाबालिग गुमशुदा बालिकाओं को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। यह सफलता पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में चलाए जा रहे गुमशुदा और अपहृताओं की बरामदगी अभियान के तहत हासिल हुई है। बालिकाओं की सुरक्षित वापसी पर परिजनों ने पुलिस टीम की जमकर सराहना की।

राजस्थान के भीलवाड़ा से की गई बरामदगी
पुलिस के अनुसार, 11 जनवरी 2026 को सारनाथ पुलिस टीम ने दोनों बालिकाओं को राजस्थान के भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन से बरामद किया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित रूप से वाराणसी लाया गया और 12 जनवरी 2026 को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।

फोटो कॉपी कराने निकली थीं, घर नहीं लौटीं
घटना के संबंध में बताया गया कि 8 जनवरी 2026 को थाना सारनाथ क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने लिखित तहरीर दी थी कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री, अपनी 17 वर्षीय मौसी की बेटी के साथ शाम करीब 6:30 बजे फोटो कॉपी कराने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उन्हें काफी तलाश किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका।

मुकदमा दर्ज कर शुरू की गई तलाश
मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना सारनाथ पर मुकदमा संख्या 0015/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। मामले की विवेचना महिला उप निरीक्षक मीनू सिंह को सौंपी गई, जिन्होंने पुलिस टीम के साथ मिलकर तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर तलाश शुरू की।

पूछताछ में सामने आई वजह
बरामदगी के बाद पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में बालिकाओं ने बताया कि घर की बड़ी बहन पढ़ाई को लेकर लगातार दबाव बना रही थी, क्योंकि परीक्षा नजदीक थी। पढ़ाई से बचने के लिए वे दोनों घर से दूर चली गई थीं।

पुलिस टीम की तत्परता से लौटी मुस्कान
इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी, महिला उप निरीक्षक मीनू सिंह और उप निरीक्षक शिवनरायन सिंह की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

परिजनों ने जताया आभार
अपनी बेटियों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और सारनाथ पुलिस की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता की खुलकर प्रशंसा की।