सुसुवाही में सड़क पर रखे ट्रॉली ट्रांसफार्मर बने परेशानी की वजह, महीनों से जाम और हादसे का खतरा बरकरार

सुसुवाही क्षेत्र के कर्मनवीर और पंचायत भवन के समीप सड़क पर महीनों से खड़े ट्रॉली ट्रांसफार्मर स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। अस्थायी रूप से लगाए गए इन ट्रांसफार्मरों के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा घिर गया है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद विद्युत विभाग ने अब तक स्थायी समाधान नहीं किया है, जिसके चलते राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और वाहन चालकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
 

वाराणसी। सुसुवाही क्षेत्र के कर्मनवीर और पंचायत भवन के समीप सड़क पर महीनों से खड़े ट्रॉली ट्रांसफार्मर स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। अस्थायी रूप से लगाए गए इन ट्रांसफार्मरों के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा घिर गया है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद विद्युत विभाग ने अब तक स्थायी समाधान नहीं किया है, जिसके चलते राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और वाहन चालकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों के अनुसार कर्मनवीर इलाके में ट्रॉली पर रखे ट्रांसफार्मर के माध्यम से आसपास के घरों में बिजली आपूर्ति की जा रही है। ट्रांसफार्मर में खराबी आने के बाद उसे स्थायी रूप से बदलने या स्थापित करने के बजाय ट्रॉली को सड़क पर ही छोड़ दिया गया। इसके कारण सड़क काफी संकरी हो गई है और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। चार पहिया वाहनों का निकलना लगभग असंभव हो गया है, जबकि दोपहिया वाहन भी जोखिम उठाकर गुजरने को मजबूर हैं। सुबह-शाम स्कूल और कार्यालय के समय यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।

इसी प्रकार पंचायत भवन, सुसुवाही के पास भी कई महीनों से ट्रॉली पर रखे ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां स्थायी ट्रांसफार्मर पहले से मौजूद है, लेकिन उसे अब तक विद्युत लाइन से नहीं जोड़ा गया है। परिणामस्वरूप अस्थायी व्यवस्था लंबे समय से जारी है और सड़क पर खड़ी ट्रॉली यातायात में बाधा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि सड़क संकरी होने के कारण आए दिन वाहन फंस जाते हैं और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और विद्युत विभाग को दी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अस्थायी व्यवस्था को महीनों तक जारी रखना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। खुले में सड़क पर रखा ट्रांसफार्मर सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इसके आसपास हर समय स्कूली बच्चों और आम लोगों की आवाजाही रहती है।

क्षेत्रवासियों ने विद्युत विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि दोनों स्थानों पर जल्द से जल्द स्थायी ट्रांसफार्मर स्थापित कर ट्रॉली को सड़क से हटाया जाए। उनका कहना है कि इससे यातायात सुचारु होगा, जाम की समस्या समाप्त होगी और संभावित दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।