बीएचयू की तीन छात्राओं को मिला इतिहास विषय में शोध और अध्ययन के लिए स्कॉलरशिप अवार्ड, जीनत, प्रज्ञा और सृष्टि को एक वर्ष तक हर महीने मिलेंगे एक से पांच हजार रुपये

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के इतिहास विभाग की तीन मेधावी छात्राओं को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन और शोध कार्य के लिए स्कॉलरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया। मध्यकालीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के इतिहास से संबंधित अध्ययन और शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीनों छात्राओं का चयन किया गया है। गुरुवार को इतिहास विभाग में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें स्कॉलरशिप का स्वीकृति पत्र, शॉल और पहली किस्त प्रदान की गई।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के इतिहास विभाग की तीन मेधावी छात्राओं को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन और शोध कार्य के लिए स्कॉलरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया। मध्यकालीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के इतिहास से संबंधित अध्ययन और शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीनों छात्राओं का चयन किया गया है। गुरुवार को इतिहास विभाग में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें स्कॉलरशिप का स्वीकृति पत्र, शॉल और पहली किस्त प्रदान की गई।

विशाल भारत संस्थान ट्रस्ट की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अर्चना भारतवंशी ने बताया कि छात्राओं को यह आर्थिक सहायता एक वर्ष तक प्रतिमाह दी जाएगी। एमए की छात्रा जीनत रहमान को लगातार दो सेमेस्टर में मध्यकालीन भारतीय इतिहास के प्रश्नपत्र में पूरे बैच में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर 'माता चित्रसेना देवी स्कॉलरशिप अवार्ड इन मिडिवल इंडियन हिस्ट्री एंड कल्चर' के लिए चयनित किया गया है। उन्हें एक वर्ष तक प्रतिमाह पांच हजार रुपये मिलेंगे।

इसी तरह एमए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा प्रज्ञा परमिता महारी को अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों में मध्यकालीन भारतीय इतिहास में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर 'प्रभु रामदास जी महाराज स्कॉलरशिप अवार्ड फॉर शेड्यूल्ड कास्ट इन मिडिवल इंडियन हिस्ट्री एंड कल्चर' प्रदान किया गया। इसके तहत उन्हें एक वर्ष तक प्रतिमाह दो हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी।

वहीं, सृष्टि त्यागी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर शोध पत्र लिखने के लिए 'प्रोफेसर प्रिय रंजन त्रिवेदी स्कॉलरशिप अवार्ड इन नेताजी सुभाष हिस्ट्री' के लिए चुना गया है। उन्हें एक वर्ष तक प्रतिमाह एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी।

कार्यक्रम में जम्मू विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर जिगर मोहम्मद, बीएचयू इतिहास विभागाध्यक्ष प्रोफेसर प्रवेश भारद्वाज, विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर घनश्याम, मध्यकालीन भारतीय इतिहास के प्रोफेसर डॉ. राजीव श्रीगुरुजी और डॉ. अर्चना भारतवंशी ने संयुक्त रूप से छात्राओं को सम्मानित किया और छात्रवृत्ति की पहली किस्त सौंपी।

इस अवसर पर डॉ. राजीव श्रीगुरुजी ने कहा कि इस तरह की छात्रवृत्तियां मध्यकालीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति के अध्ययन और शोध को प्रोत्साहित करती हैं। इससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें अपने शोध कार्य को आगे बढ़ाने में आर्थिक सहयोग मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन सृष्टि त्यागी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मृदुला जायसवाल ने किया।