आज शाम भेलूपुर क्षेत्र में नहीं आएगा पानी, भदैनी इन्टेकवेल की सर्विसिंग के चलते जलापूर्ति रहेगी बाधित

 

 जलकल विभाग की अपील- सुबह ही कर लें पानी का भंडारण, शहर की जलापूर्ति की लाइफलाइन है भदैनी पंप हाउस

वाराणसी।भेलूपुर, भदैनी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शनिवार शाम पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। भदैनी स्थित इन्टेकवेल में नियमित सर्विसिंग और रखरखाव कार्य के कारण भेलूपुर जलकल से होने वाली शाम की जलापूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। जलकल विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह के समय ही अपनी जरूरत के अनुसार पानी का भंडारण कर लें, ताकि शाम के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नियमित रखरखाव से मजबूत होगी जलापूर्ति व्यवस्था

जलकल विभाग के सचिव विश्वनाथ गुप्ता ने बताया कि इन्टेकवेल और पंपिंग सिस्टम की सर्विसिंग शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। समय-समय पर रखरखाव किए जाने से भविष्य में किसी बड़ी तकनीकी खराबी की संभावना कम होती है और पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनी रहती है।

भदैनी घाट स्थित इन्टेकवेल और पंप हाउस को वाराणसी की पेयजल व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इसी केंद्र से गंगा नदी का पानी उठाकर शुद्धिकरण संयंत्र तक पहुंचाया जाता है, जहां उपचार के बाद शहर के विभिन्न इलाकों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। शहर के लाखों लोगों तक स्वच्छ गंगाजल पहुंचाने में इस पंप हाउस की महत्वपूर्ण भूमिका है।

एक सदी से अधिक पुराना है यह जलापूर्ति केंद्र

भदैनी पंप हाउस की स्थापना वर्ष 1907 में हुई थी और पिछले एक सदी से अधिक समय से यह वाराणसी की प्यास बुझा रहा है। बढ़ती आबादी और जल की मांग को देखते हुए यहां समय-समय पर तकनीकी उन्नयन किए गए हैं। 'हर घर तक नल' और अमृत-2 योजना के तहत भी इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया गया।

अमृत-2 योजना के नए पंप भी पूरी क्षमता से नहीं कर पा रहे काम

अमृत-2 योजना के तहत करीब 108 करोड़ रुपये की लागत से यहां चार अत्याधुनिक पंप लगाए गए, जिनकी क्षमता शहर की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए बढ़ाई गई थी। हालांकि गंगा नदी के तल में लगातार गाद और मलबा जमा होने से इन पंपों की जल उठान क्षमता प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते नदी तल की नियमित ड्रेजिंग और इन्टेक क्षेत्र की सफाई नहीं कराई गई, तो भविष्य में जलापूर्ति व्यवस्था पर और अधिक असर पड़ सकता है।

भदैनी पंप हाउस में स्थापित पांच पुराने पंप आज भी जलापूर्ति का महत्वपूर्ण आधार बने हुए हैं। बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ती पानी की मांग के कारण इन पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। ऐसे में नए पंपों का पूरी क्षमता से संचालन शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए बेहद आवश्यक माना जा रहा है।

जलकल विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे शनिवार सुबह ही अपनी आवश्यकता के अनुसार पानी का भंडारण कर लें। विभाग का कहना है कि सर्विसिंग और रखरखाव का कार्य पूरा होते ही जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कुछ घंटों की यह असुविधा भविष्य में शहर की निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।