बीएचयू सीर गेट त्रिमुहानी सड़क से नीचे सीवर चैंबर का ढक्कन, हादसे का खतरा 

सीर गेट से आगे त्रिमुहानी के पास रविदास मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क से छह से आठ इंच नीचे सीवर चैंबर का ढक्कन राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। सड़क के बराबर न होने के कारण यहां से गुजरने वाले वाहनों को अचानक झटका लगता है। मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने और जाम लगने की स्थिति में बड़े वाहन भी चैंबर के ऊपर से गुजरते हैं, जिससे ढक्कन क्षतिग्रस्त होने या चैंबर में वाहन के फंसने की आशंका बनी रहती है।
 

वाराणसी। सीर गेट से आगे त्रिमुहानी के पास रविदास मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क से छह से आठ इंच नीचे सीवर चैंबर का ढक्कन राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। सड़क के बराबर न होने के कारण यहां से गुजरने वाले वाहनों को अचानक झटका लगता है। मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने और जाम लगने की स्थिति में बड़े वाहन भी चैंबर के ऊपर से गुजरते हैं, जिससे ढक्कन क्षतिग्रस्त होने या चैंबर में वाहन के फंसने की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया और अन्य वाहन गुजरते हैं। पैदल राहगीरों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। सड़क के स्तर से नीचे होने के कारण खासकर रात के समय चैंबर का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अचानक वाहन का पहिया नीचे जाने से दुर्घटना की स्थिति बन सकती है।

सड़क किनारे पड़ा पुराना ढक्कन भी परेशानी
सीवर चैंबर के पास ही पुराना ढक्कन सड़क किनारे पड़ा हुआ है। इससे मार्ग की चौड़ाई प्रभावित होने के साथ ही राहगीरों को भी परेशानी होती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चैंबर और आसपास के हिस्से को व्यवस्थित करने के साथ पुराने ढक्कन को भी तत्काल हटाया जाना चाहिए।

रविदास जयंती पर बढ़ जाती है भीड़
स्थानीय नागरिक लाल बहादुर यादव ने बताया कि संत रविदास जयंती के अवसर पर इस मार्ग पर लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। देश-विदेश से श्रद्धालु रविदास मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क पर मौजूद यह गड्ढानुमा स्थिति और नीचे पड़ा सीवर ढक्कन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सीवर चैंबर के ढक्कन को तत्काल सड़क के बराबर कराया जाए। साथ ही आसपास की क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और पुराने ढक्कन को हटाने की कार्रवाई की जाए, ताकि आम दिनों के साथ ही भीड़भाड़ वाले अवसरों पर भी राहगीरों और वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।