IIT BHU में तकनीकी हिंदी कार्यशाला का सफल समापन, डिजिटल टूल्स के प्रयोग की मिली जानकारी
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में दो दिवसीय तकनीकी हिंदी कार्यशाला का शुक्रवार को सफल समापन किया गया। कार्यशाला 27 व 28 नवंबर को ABLT सभागार में आयोजित हुई, जिसमें प्रतिदिन सुबह 10 बजे से विभिन्न प्रशिक्षण सत्र संचालित किए गए। कार्यक्रम में गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग, हिंदी शिक्षण योजना के उप निदेशक राजेन्द्र प्रसाद वर्मा विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन संस्थान के हिंदी अनुवादक शशांक पाठक ने किया।
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने साझा किया कि यह प्रशिक्षण अत्यंत व्यवहारिक और उपयोगी रहा, जिसने न केवल हिंदी के तकनीकी प्रयोग को समझाया, बल्कि कार्यालयी व शैक्षणिक कार्यों में इसके व्यावहारिक उपयोग को भी आसान बनाया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए श्री वर्मा ने बताया कि दो दिनों के दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी क्षेत्र में हिंदी के प्रभावी इस्तेमाल हेतु कई आधुनिक डिजिटल टूल्स और तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदुओं में MS Word, Excel और PowerPoint में हिंदी में कार्य करने की विधियां, टेक्स्ट-टू-स्पीच और स्पीच-टू-टेक्स्ट तकनीक का उपयोग, किसी भी दस्तावेज़ को सहज रूप से हिंदी टेक्स्ट में परिवर्तित करने की प्रक्रिया और भारत सरकार द्वारा विकसित नवीनतम हिंदी भाषा आधारित सॉफ्टवेयरों की जानकारी शामिल रही।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार राजभाषा हिंदी के प्रशासनिक, तकनीकी और शिक्षण कार्यों में व्यापक उपयोग के लिए लगातार कार्य कर रही है। डिजिटल युग में हिंदी को सशक्त बनाने की दिशा में यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से न केवल तकनीकी क्षेत्रों में हिंदी की स्वीकार्यता बढ़ेगी, बल्कि यह संस्थागत कार्यप्रणाली में भी हिंदी के प्रभावी एकीकरण को गति देगा।