बीएचयू में यूजीसी एक्ट आंदोलन का पोस्टर सोशल मीडिया पर शेयर के बाद छात्र पर हमला

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में यूजीसी द्वारा लाए गए नए कानून को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब हिंसक रूप लेने लगा है। विश्वविद्यालय में जहां कुछ छात्र यूजीसी एक्ट के समर्थन में लगातार मार्च और प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोध करने वाले छात्र भी धरना-प्रदर्शन के जरिए अपना विरोध जता रहे हैं। इसी बीच आंदोलन के दौरान एक छात्र पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में यूजीसी द्वारा लाए गए नए कानून को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब हिंसक रूप लेने लगा है। विश्वविद्यालय में जहां कुछ छात्र यूजीसी एक्ट के समर्थन में लगातार मार्च और प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोध करने वाले छात्र भी धरना-प्रदर्शन के जरिए अपना विरोध जता रहे हैं। इसी बीच आंदोलन के दौरान एक छात्र पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है।

सोशल मीडिया पोस्टर शेयर के बाद हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, यूजीसी एक्ट के समर्थन में एक छात्रा द्वारा सोशल मीडिया ग्रुप में पोस्ट साझा किए जाने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने छात्र पर हमला कर दिया। हमले में घायल छात्र की पहचान आदर्श कुमार के रूप में हुई है। घायल अवस्था में छात्र को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज कराया गया।

घायल छात्र आदर्श कुमार का बयान
आदर्श कुमार ने बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी एक्ट के समर्थन में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पोस्ट से नाराज कुछ छात्रों ने घात लगाकर उन पर हमला कर दिया। आदर्श ने कहा, “हमने सिर्फ अपनी बात सोशल मीडिया पर रखी थी, लेकिन कुछ छात्रों को यह नागवार गुज़रा और उन्होंने हमला कर दिया, जिससे हमें गंभीर चोटें आईं।”

भगतसिंह स्टूडेंट्स मोर्चा ने जताया आक्रोश
घटना को लेकर भगतसिंह स्टूडेंट्स मोर्चा ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया है। संगठन का कहना है कि यूजीसी एक्ट के विरोध के नाम पर इस तरह की हिंसा यह दर्शाती है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता के लिए सुधारात्मक कानूनों की आवश्यकता क्यों है।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी छात्रों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो परिसर में शांति व्यवस्था और छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर खतरा बढ़ सकता है।

परिसर में तनाव का माहौल
घटना के बाद से विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल है। छात्र संगठनों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी अपील की है ताकि आगे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।