खेलों से राष्ट्र निर्माण और नशामुक्ति का संदेश, IIT-BHU में हुआ ‘खेलो इंडिया संवाद’

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) में गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात पीएम के साथ’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के MY Bharat के राष्ट्रव्यापी युवा सहभागिता अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में खेल, फिटनेस, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।
 

वाराणसी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) में गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात पीएम के साथ’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के MY Bharat के राष्ट्रव्यापी युवा सहभागिता अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में खेल, फिटनेस, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद दर्शना सिंह रहीं। उनके अलावा IIT-BHU के डीन (स्टूडेंट्स अफेयर्स) प्रो. राजेश कुमार, एसोसिएट डीन प्रो. मेधा झा, गेम्स एंड स्पोर्ट्स काउंसिल के काउंसलर डॉ. देबदीप भंडारी, पूर्व क्रिकेटर एवं यूपीसीए के अंडर-17 व अंडर-19 चयनकर्ता नाशिर अली, सब-नेशनल जूनियर हॉकी खिलाड़ी मंगल यादव, जिला युवा कल्याण अधिकारी नितिश राय और IIT-BHU गेम्स एंड स्पोर्ट्स काउंसिल के महासचिव अभिनव शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के छात्रों और युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना। संबोधन के माध्यम से युवाओं को खेल और फिटनेस को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में देश में खेलों के बदलते स्वरूप और युवाओं के लिए उपलब्ध हो रहे अवसरों पर भी चर्चा हुई।

स्थानीय सत्र में आयोजित ‘युवा संवाद’ के दौरान युवाओं ने अपनी आकांक्षाओं और विचारों को साझा किया। संवाद में जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में युवाओं की भूमिका, कक्षा से आगे भविष्य के लिए तैयार होने, स्वयंसेवा की नई अवधारणा और MY Bharat को और मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में भारत में खेलों के विकास और खेल अवसंरचना के विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का माध्यम भी हैं। युवाओं के लिए खेलों में बढ़ते अवसरों तथा वर्ष 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी के भारत के लक्ष्य पर भी विचार रखे गए।

कार्यक्रम को विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप युवाओं को खेल संस्कृति से जोड़ने और उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। वक्ताओं ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। समापन अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और प्रतिभागियों ने ‘नशा मुक्त प्रतिज्ञा’ ली। उन्होंने नशीले और हानिकारक पदार्थों से दूर रहने तथा परिवार, मित्रों और समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इसके बाद वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।