बढ़ते जलस्तर के बीच अस्सी घाट पर चला विशेष सफाई अभियान, नमामि गंगे ने हटाई जलकुंभी, स्वच्छता का दिया संदेश
वाराणसी। गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के दौरान बहकर आई जलकुंभी व अन्य कचरे से घाटों पर उत्पन्न हुई समस्या को देखते हुए शुक्रवार को नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने अस्सी घाट पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के दौरान घाट पर जमा जलकुंभी, प्लास्टिक, पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट को हटाकर घाट को स्वच्छ बनाया गया। इस अवसर पर लोगों को "स्वभाव में स्वच्छता–संस्कार में स्वच्छता" का संदेश देते हुए स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील भी की गई।
स्वयंसेवकों ने सुबह से ही घाट के विभिन्न हिस्सों में सफाई अभियान शुरू किया। गंगा के किनारे जमा जलकुंभी को निकालकर अलग किया गया, जबकि प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरे को एकत्र कर नगर निगम को सौंप दिया गया। अभियान का उद्देश्य केवल घाट की सफाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था।
अभियान के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अनुरोध किया गया कि वे गंगा और घाटों को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। स्वयंसेवकों ने लोगों को समझाया कि पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य कचरा गंगा में प्रवाहित न करें तथा निर्धारित स्थानों पर ही कूड़ा डालें। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की भी अपील की।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि "स्वभाव में स्वच्छता, संस्कार में स्वच्छता" केवल एक अभियान का नारा नहीं, बल्कि हर नागरिक की जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाए, तो स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
उन्होंने बताया कि बरसात और बाढ़ के बाद घाटों पर जलकुंभी और गंदगी तेजी से जमा हो जाती है, जिससे न केवल श्रद्धालुओं को असुविधा होती है बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे समय में नियमित सफाई अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गंगा करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है, इसलिए इसकी स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
स्वच्छता अभियान में नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, मुन्नी देवी, गोरखनाथ मिश्रा, काशीनाथ, पंकज गोयल, राजेंद्र गोयल सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। अभियान के समापन पर सभी ने गंगा और घाटों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।