गंगा के रौद्र रूप को शांत करने को सिंधिया घाट पर विशेष आरती, मां गंगा का पूजन-अर्चन कर की प्रार्थना 

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों में बढ़ती बाढ़ की चिंता के बीच शनिवार को सिंधिया घाट पर नमामि गंगे की ओर से विशेष आरती एवं प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विधिवत मां गंगा की आरती उतारी गई और दुग्धाभिषेक कर जलस्तर में वृद्धि थमने तथा पानी कम होने की प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने मां गंगा से जनजीवन की रक्षा और बाढ़ का संकट टलने की कामना की।
 

वाराणसी। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों में बढ़ती बाढ़ की चिंता के बीच शनिवार को सिंधिया घाट पर नमामि गंगे की ओर से विशेष आरती एवं प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विधिवत मां गंगा की आरती उतारी गई और दुग्धाभिषेक कर जलस्तर में वृद्धि थमने तथा पानी कम होने की प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने मां गंगा से जनजीवन की रक्षा और बाढ़ का संकट टलने की कामना की।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठम के वेदपाठी बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा पूजन कराया। श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने हाथ जोड़कर मां गंगा से जलस्तर को और न बढ़ने तथा अपने रौद्र रूप को शांत करने की प्रार्थना की।

गंगाष्टकम का पाठ कर मां गंगा से लगाई गुहार
सिंधिया घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से लोगों में चिंता नजर आई। इसी बीच श्रद्धालुओं ने गंगाष्टकम का पाठ किया। मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा की आराधना करते हुए जलस्तर थमने और धीरे-धीरे कम होने की कामना की गई।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि गंगा के बढ़ते जलस्तर का प्रभाव तटवर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर पानी बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। ऐसे में सभी ने मां गंगा से बाढ़ की स्थिति जल्द सामान्य होने और लोगों की सुरक्षा की प्रार्थना की।

महादेव से भी की गई प्रार्थना
नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने द्वादश ज्योतिर्लिंग का पाठ भी किया। श्रद्धालुओं ने देवाधिदेव महादेव से गंगा के जलस्तर में कमी आने और तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखने की कामना की। लोगों का कहना था कि काशी में मां गंगा और बाबा विश्वनाथ के प्रति आस्था के साथ इस संकट की घड़ी में सभी सुरक्षित जीवन की प्रार्थना कर रहे हैं।


जनजीवन सामान्य होने की कामना
राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विशेष आरती और प्रार्थना का आयोजन किया गया। मां गंगा से जलस्तर कम होने तथा महादेव से बाढ़ का संकट टलने की गुहार लगाई गई है। उन्होंने कहा कि सभी की कामना है कि जलस्तर अब और न बढ़े, तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग सुरक्षित रहें और जनजीवन जल्द सामान्य हो।

उन्होंने कहा कि प्रार्थना के माध्यम से जन-धन की किसी भी प्रकार की हानि न होने और लोगों के सुरक्षित रहने की कामना की गई। कार्यक्रम में नमामि गंगे के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक रूप से मां गंगा की आराधना की।

इस अवसर पर रिया श्रीवास्तव, सारिका श्रीवास्तव, आशुतोष मिश्रा, प्रियांशु शुक्ला सहित नमामि गंगे के अन्य सदस्य और स्वयंसेवक मौजूद रहे। बाढ़ की स्थिति के बीच आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ लोगों ने गंगा के शांत होने, जलस्तर घटने और तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा की प्रार्थना की।