शिक्षक भालेंदु मिश्र की 11वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सिगरा थाना प्रभारी ने कराया भंडारा

वरिष्ठ शिक्षक स्वर्गीय भालेंदु मिश्र की 11वीं पुण्यतिथि पर रविवार को परिवारजनों, पूर्व विद्यार्थियों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सिगरा थाना प्रभारी शिवकांत मिश्र ने अपने पिता की स्मृति में कैंट रेलवे स्टेशन के सामने चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे भंडारे का आयोजन किया। इसमें यात्रियों के साथ आसपास के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
 

वाराणसी। वरिष्ठ शिक्षक स्वर्गीय भालेंदु मिश्र की 11वीं पुण्यतिथि पर रविवार को परिवारजनों, पूर्व विद्यार्थियों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सिगरा थाना प्रभारी शिवकांत मिश्र ने अपने पिता की स्मृति में कैंट रेलवे स्टेशन के सामने चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे भंडारे का आयोजन किया। इसमें यात्रियों के साथ आसपास के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

भंडारे में पूरी-सब्जी और मिष्ठान का प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल हुए और स्वर्गीय भालेंदु मिश्र के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया। सिगरा थाना प्रभारी शिवकांत मिश्र ने कहा कि वह आज जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके माता-पिता के संस्कार और आशीर्वाद की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके पिता ने हमेशा उन्हें सत्य और सत्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। जीवन में ईमानदारी, अनुशासन और मानवता के मूल्यों को अपनाने की सीख उन्हें अपने पिता से ही मिली।

स्वर्गीय भालेंदु मिश्र शिक्षा जगत में समर्पित और अनुशासित शिक्षक के रूप में अपनी अलग पहचान रखते थे। उन्होंने अपने लंबे शिक्षक जीवन में विद्यार्थियों को विषय ज्ञान देने के साथ ही ईमानदारी, अनुशासन, संस्कार, नैतिकता और मानवता का पाठ पढ़ाया। उनका मानना था कि शिक्षक का दायित्व केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है।

सरल, सहज और मृदुभाषी स्वभाव के कारण वह विद्यार्थियों और सहकर्मियों के बीच अत्यंत सम्मानित रहे। उनके पढ़ाए अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 83 वर्ष का सार्थक जीवन व्यतीत करने के बाद वर्ष 2015 में वह गोलोकवासी हो गए। उनके शिक्षा-संस्कार और मानवीय मूल्यों की विरासत आज भी परिवार और पूर्व विद्यार्थियों के जीवन में दिखाई देती है।