सावन में ज्ञानवापी में नमाज पर रोक की मांग, शिवसेना ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी। सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। शिवसेना से जुड़े पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सावन के पूरे महीने ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम समुदाय द्वारा नमाज अदा करने पर रोक लगाई जाए। संगठन का कहना है कि जब हिंदू समुदाय की कुछ पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध अथवा सीमाएं लागू हैं, तो समान व्यवस्था के तहत नमाज पर भी अस्थायी रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि सावन माह में बाबा विश्वनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संगठन का दावा है कि माता श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन और कुछ पारंपरिक धार्मिक आयोजनों पर पहले से ही विभिन्न प्रकार की सीमाएं लागू हैं।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे समय में नमाज के लिए आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही से धार्मिक भावनाएं प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। संगठन ने प्रशासन से सावन माह के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लेने की मांग की।
शिवसेना पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि सभी के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करना है। संगठन ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे उत्तर प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।