बाबा कीनाराम स्थल क्रीं-कुण्ड में कन्या पूजन के साथ संपन्न हुआ शारदीय नवरात्र, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
रविंद्रपुरी स्थित विश्वविख्यात अघोरपीठ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ‘जय मां सर्वेश्वरी’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा परिसर
नौ कन्याओं को देवी स्वरूप और बालक को भैरव बाबा के रूप में प्रतिष्ठित कर किया पूजन
पीठाधीश्वर ने कन्याओं और भैरव स्वरूप बालक के पांव पखारकर लिया आशीर्वाद
विधिवत आरती और भोग के बाद आयोजित भंडारे में हजारों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
देश-विदेश से पहुंचे साधक-महात्माओं और श्रद्धालुओं के लिए रहा विशेष आकर्षण
वाराणसी। रविंद्रपुरी स्थित विश्वविख्यात अघोरपीठ बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड में सोमवार को नवमी कन्या एवं भैरव पूजन के साथ शारदीय नवरात्र का समापन हुआ। इस अवसर पर आश्रम में विधि-विधान से नौ कन्याओं को देवी स्वरूप और एक बालक को भैरव बाबा के रूप में प्रतिष्ठित कर पूजा-अर्चना की गई। पूजन के बाद आयोजित भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर में ‘जय मां सर्वेश्वरी’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे।
नवरात्र के अंतिम दिन सोमवार सुबह आश्रम की साफ-सफाई और दैनिक आरती-पूजन के बाद नवमी पूजन की शुरुआत हुई। पीठाधीश्वर परम पूज्य अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया। सबसे पहले नौ बाल कन्याओं का श्रृंगार कर उन्हें देवी स्वरूप में आसीन कराया गया। वहीं, एक बालक को भैरव बाबा के रूप में सजाकर प्रतिष्ठित किया गया।
इसके बाद पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम ने स्वयं सभी कन्याओं और भैरव स्वरूप बालक के पांव पखारे। विधि-विधान से पूजन और आरती के बाद उन्हें विभिन्न पकवानों का भोग अर्पित किया गया। कन्याओं और भैरव स्वरूप बालक को भोजन कराने के बाद पीठाधीश्वर ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
जयकारों के बीच हुआ भंडारा
पूजन के दौरान नवरात्र अनुष्ठान के आचार्य श्री प्रकाश जी सहित सैकड़ों भक्तजन मौजूद रहे। श्रद्धालु लगातार ‘जय मां सर्वेश्वरी’ और ‘हर-हर महादेव’ का उद्घोष करते रहे। धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत पीठाधीश्वर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसके बाद आयोजित भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड में शारदीय नवरात्र और नवमी कन्या पूजन को देखने के लिए देश-विदेश से साधक-महात्मा और आम श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस वर्ष भी नवमी के अवसर पर आश्रम में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहा।