भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए संजीवनी: BHU में ‘वॉटर फॉर बर्ड्स’ अभियान के तहत लगाए गए प्याऊं

वाराणसी। भीषण गर्मी के बीच पक्षियों को राहत पहुंचाने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में ‘वॉटर फॉर बर्ड्स’ अभियान के तहत सराहनीय पहल की गई। चौरा माता मंदिर स्थित महामना की बगिया में लगाए गए जल पात्रों ने गर्मी से जूझ रहे पक्षियों के लिए संजीवनी का काम किया। इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का मजबूत संदेश दिया।
 

वाराणसी। भीषण गर्मी के बीच पक्षियों को राहत पहुंचाने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में ‘वॉटर फॉर बर्ड्स’ अभियान के तहत सराहनीय पहल की गई। चौरा माता मंदिर स्थित महामना की बगिया में लगाए गए जल पात्रों ने गर्मी से जूझ रहे पक्षियों के लिए संजीवनी का काम किया। इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का मजबूत संदेश दिया।

महामना की बगिया में पक्षियों के लिए जल व्यवस्था
रविवार को आयोजित इस अभियान के तहत लगभग दो दर्जन प्याऊं (जल पात्र) लगाए गए, ताकि बढ़ते तापमान के बीच पक्षियों को आसानी से पीने का पानी मिल सके। गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण पक्षियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यह पहल उनके लिए राहत भरी साबित हो रही है।

युवाओं की पहल, संवेदनशीलता का संदेश
इस अभियान का संयोजन यशवर्धन तोमर और कुंवर कीर्ति कैवल्य द्वारा किया गया। यह पहल हनुमान शाखा के स्वच्छाग्रह अभियान के अंतर्गत की गई, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जीव-जंतुओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है। आयोजकों ने बताया कि छोटे-छोटे प्रयास भी प्रकृति संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

पहले भी चला चुका है प्लास्टिक मुक्त अभियान
गौरतलब है कि इससे पहले भी विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छाग्रहियों द्वारा प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया था। इस दौरान छात्रों और स्थानीय लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया और स्वच्छता का संदेश दिया गया।

छात्रों की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर छात्र नेता प्रशांत राय, शोध छात्र रंजीत राय, उत्कर्ष पाठक, दीपेश कुमार, दिव्यांक दुबे, केशरी नंदन सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को सराहा और भविष्य में भी ऐसे अभियानों को आगे बढ़ाने की बात कही।

आमजन से भी की गई अपील
आयोजकों ने आम लोगों से अपील की कि वे भी अपने घरों और आसपास के स्थानों पर पक्षियों के लिए जल पात्र रखें। इससे न केवल पक्षियों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।