वाराणसी स्टेशन पर आरपीएफ का अभियान, छह नाबालिग बच्चे सुरक्षित मिले
सघन चेकिंग के साथ यात्रियों को जहरखुरानी से बचाव के प्रति किया जागरूक, पांच वाहनों पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई
वाराणसी। स्टेशन वाराणसी पर रविवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की ओर से विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। निरीक्षक संदीप कुमार यादव के निर्देशन में सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफार्म, टिकट घर और आने-जाने वाली ट्रेनों में सघन जांच की गई। इस दौरान यात्रियों को जहरखुरानी से बचने के लिए जागरूक किया गया। आरपीएफ ने अपील की कि यात्रा के दौरान किसी अपरिचित व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु न लें। किसी भी समस्या की स्थिति में डायल 139 पर सूचना देने को कहा गया।
अभियान के दौरान ट्रेनों के महिला एवं दिव्यांग कोच की भी विशेष जांच की गई। अन्य यात्रियों को इन आरक्षित कोचों में यात्रा न करने की हिदायत दी गई। साथ ही यात्रियों से चेन पुलिंग न करने और रेलवे सुरक्षा बल का सहयोग करने की अपील की गई। स्टेशन परिसर की निगरानी कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार की जा रही है।
नो पार्किंग में खड़े पांच वाहनों पर कार्रवाई
सर्कुलेटिंग एरिया के नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने के मामले में पांच वाहन और मोटरसाइकिल चालकों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 159 के उल्लंघन में जन विश्वास अधिनियम 2026 के तहत कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान कुल पांच लोगों पर कार्रवाई हुई।
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते में छह बच्चे मिले
आरपीएफ के मंडल कार्यालय द्वारा गठित टीम ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत भी स्टेशन पर चेकिंग की। उप निरीक्षक माधुरी यादव, महिला कांस्टेबल प्रीति और कांस्टेबल अंकित की टीम को एक 15 वर्षीय किशोरी अकेली बेंच पर मिली। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रिया कुमारी निवासी अरवल, बिहार बताया और घर से नाराज होकर आने की जानकारी दी।
इसके अलावा 15 वर्षीय आराधना निवासी देनातपुरा, चंदौली और 17 वर्षीय आकाश कुमार निवासी चंदौली भी घर से नाराज होकर बिना बताए आने की बात कही। जांच में मुरादाबाद निवासी 10 वर्षीय विकास, सात वर्षीय अर्चना और छह वर्षीय सुंदरा भी मिले। तीनों ने बताया कि वे परिजनों को बिना बताए ट्रेन से आ गए थे। सभी बच्चों को सुरक्षा की दृष्टि से आरपीएफ पोस्ट लाया गया और चाइल्ड लाइन को सूचना देकर सुरक्षित सुपुर्द किया गया। अभियान में कुल चार लड़कियों और दो लड़कों को सुरक्षित चाइल्ड लाइन को सौंपा गया।