राहुल गांधी की जीत पर सवाल उठाने से पहले काशी के जनादेश पर जवाब दें राजनाथ सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 2029 में चुनाव लड़ने की दी चुनौती
वाराणसी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की रायबरेली से जीत को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दूसरों के जनादेश पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को अपने चुनावी प्रदर्शन और गठबंधन की राजनीति का आकलन करना चाहिए। अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणाम और मतगणना प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने चुनाव के राउंडवार आधिकारिक आंकड़े और संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की चुनौती दी।
अजय राय ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में अपना दल (सोनेलाल), राष्ट्रीय लोकदल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। भाजपा के लिए सहयोगियों के साथ गठबंधन करना राजनीतिक रणनीति है, लेकिन जब विपक्षी दल मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो उस पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में गठबंधन करना प्रत्येक राजनीतिक दल का अधिकार है।
वाराणसी के चुनाव परिणाम पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी की रायबरेली से जीत पर टिप्पणी करने से पहले रक्षा मंत्री को वाराणसी के चुनाव परिणाम पर भी बात करनी चाहिए। उनके मुताबिक, लोकसभा चुनाव-2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग 1.52 लाख मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए थे, जबकि चुनाव के दौरान बड़े अंतर से जीत के दावे किए जा रहे थे। अजय राय ने मतगणना के शुरुआती सात राउंड में प्रधानमंत्री के पीछे रहने संबंधी खबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब आरोप-प्रत्यारोप के बजाय आधिकारिक दस्तावेजों और प्रमाणित तथ्यों से दिया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि वाराणसी लोकसभा चुनाव की राउंडवार मतगणना, आधिकारिक परिणाम और संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से सामने रखे जाएं। उन्होंने कहा कि काशी की जनता को यह जानने का अधिकार है कि प्रत्येक राउंड में उम्मीदवारों को कितने मत मिले और परिणाम घोषित करने के लिए कौन-सी आधिकारिक प्रक्रियाएं अपनाई गईं। उन्होंने चुनाव संबंधी शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष समीक्षा की भी मांग की।
2029 में बिना सहयोगियों के चुनाव लड़ने की चुनौती
अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2029 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से सहयोगी दलों के समर्थन के बिना चुनाव लड़ने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा अपने नेतृत्व और जनसमर्थन को लेकर आश्वस्त है तो उसे विपक्षी गठबंधन पर सवाल उठाने के बजाय अपने काम और नीतियों के आधार पर जनता का समर्थन मांगना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का मत ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से राहुल गांधी की रायबरेली की जीत पर सवाल उठाने से पहले वाराणसी के चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब देने की अपील की।