वाराणसी में हुई रेलवे बोर्ड की उच्चस्तरीय मीटिंग, विद्युत उपकरणों के मानकीकरण पर मंथन

भारतीय रेलवे में विद्युत उपकरणों एवं विद्युत सर्किटों के मानकीकरण तथा अनुरक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) श्री आर. राजगोपाल की अध्यक्षता में आयोजित अनुरक्षण अध्ययन समूह (Maintenance Study Group) की तीसरी दो दिवसीय बैठक शनिवार को वाराणसी मंडल के भारतेंदु सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में रेलवे के विभिन्न जोनों, उत्पादन इकाइयों तथा अनुसंधान संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
 

वाराणसी। भारतीय रेलवे में विद्युत उपकरणों एवं विद्युत सर्किटों के मानकीकरण तथा अनुरक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) श्री आर. राजगोपाल की अध्यक्षता में आयोजित अनुरक्षण अध्ययन समूह (Maintenance Study Group) की तीसरी दो दिवसीय बैठक शनिवार को वाराणसी मंडल के भारतेंदु सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में रेलवे के विभिन्न जोनों, उत्पादन इकाइयों तथा अनुसंधान संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में अपर सदस्य (आरई) रेलवे बोर्ड आर.के. तिवारी, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर पूर्वोत्तर रेलवे संजय सिंघल, मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन, मुख्य विद्युत इंजीनियर (सामान्य) विनय कुमार यादव, कार्यकारी निदेशक आरडीएसओ अरुण कुमार शर्मा, निदेशक विद्युत अनुरक्षण गौरव कुमार सहित रेलवे बोर्ड, आरडीएसओ, सीआरआईएस और विभिन्न जोनल रेलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अध्यक्षीय संबोधन में आर. राजगोपाल ने कहा कि विद्युत उपकरणों और सर्किटों का मानकीकरण भारतीय रेलवे के सुरक्षित, समयबद्ध और दोषरहित संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्युत ऊर्जा प्रबंधन, ग्रीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े उपकरणों की विश्वसनीयता तथा स्मार्ट मॉनिटरिंग प्रणालियों को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में थ्री-फेज लोकोमोटिव के संशोधित सर्किट डायग्राम और वायरिंग योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही कवच (Kavach), डीपीडब्ल्यूसीएस और वीसीडी जैसी सुरक्षा प्रणालियों को विद्युत सर्किटों में एकीकृत करने के लिए मानकीकृत प्रक्रिया विकसित करने पर चर्चा हुई। शॉर्ट सर्किट और फॉल्ट प्रोटेक्शन को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न सर्किट ब्रेकरों और रिले सेटिंग्स के पुनर्मूल्यांकन का भी निर्णय लिया गया।

विद्युत उपकरणों के मानकीकरण के तहत ट्रैक्शन मोटर, ट्रांसफार्मर और कनवर्टर्स जैसे प्रमुख उपकरणों के आयामों और कनेक्टर पिनों को एकरूप बनाने पर सहमति बनी। इसके अलावा आरडीएसओ द्वारा विकसित नई तकनीकी विशिष्टताओं और मानकों को लागू करने की समयसीमा भी निर्धारित की गई।

बैठक में समयबद्ध अनुरक्षण, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, डायग्नोस्टिक डेटा सिस्टम की लाइव मॉनिटरिंग तथा मानसून, गर्मी और सर्दी के मौसम में उपकरणों की बेहतर देखरेख के उपायों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न उत्पादन इकाइयों और क्षेत्रीय रेलों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कई तकनीकी प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिन पर विस्तृत चर्चा कर समाधान निकाला गया।

इस अवसर पर आरडीएसओ द्वारा मानकीकृत टूल किट, सुरक्षा उपकरणों तथा विभिन्न क्षेत्रीय रेलों द्वारा विकसित सर्किट डायग्राम और पैनलों का प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने विद्युत सामान्य सेवा नियमावली के अध्ययन तथा तकनीकी मानकों के लिए आरडीएसओ की वेबसाइट के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया।