बीएचयू में सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार पर उठे सवाल, छात्र से मारपीट का आरोप, जांच समिति गठित

बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय के हैदराबाद गेट पर एक छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
 

वाराणसी। बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय के हैदराबाद गेट पर एक छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

पीड़ित छात्र नीरज के अनुसार 12 जून की रात करीब 11:30 बजे वह हैदराबाद गेट से होकर अस्पताल जा रहा था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोककर पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा। छात्र का कहना है कि उसने जल्दबाजी में आई-कार्ड घर पर छूट जाने की बात बताई और मोबाइल में उपलब्ध दस्तावेजों के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करने का आग्रह किया, लेकिन सुरक्षाकर्मी इसके लिए तैयार नहीं हुए।

छात्र ने आरोप लगाया कि उसी समय कई अन्य लोग बिना पहचान पत्र दिखाए परिसर में प्रवेश कर रहे थे। जब उसने इस पर आपत्ति जताई और अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की तो सुरक्षाकर्मी नाराज हो गए। आरोप है कि तीन सुरक्षाकर्मियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की, मोबाइल छीनने का प्रयास किया और बाद में उसे एक कमरे में ले जाकर मारपीट की। छात्र का दावा है कि करीब 15 मिनट तक उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिससे उसके हाथ और कंधे में चोटें आईं।

घटना के बाद घायल छात्र को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया गया। छात्र ने पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके वायरल होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया। छात्र ने कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी को पत्र लिखकर दोषी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। जांच के क्रम में पीड़ित छात्र को प्रॉक्टोरियल बोर्ड कार्यालय बुलाकर उसका पक्ष भी दर्ज किया गया है। इसी बीच बीएचयू अस्पताल के बाल रोग विभाग से जुड़ा एक अन्य वीडियो भी सामने आया है। एक महिला अटेंडेंट ने आरोप लगाया कि वार्ड से बाहर जाने पर एक सुरक्षाकर्मी ने उसे मरीज को डिस्चार्ज कराने की धमकी दी। इस मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।