चार दशक बीएचयू में प्रोफेसर, तीन विश्वविद्यालयों के कुलपति, संघ में भी निभाए अहम दायित्व, समाज सेवा को समर्पित रहा प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह का जीवन : अंगराज
वाराणसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र संघचालक प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह की स्मृति में रविवार को काशी भाग के लंका स्थित विश्व संवाद केंद्र के कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और उनके परिचितों ने प्रो. सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने शिक्षा, समाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न दायित्वों में उनके योगदान को याद किया।
काशी प्रांत के संघचालक अंगराज ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह जीवनभर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित रहे। वह केवल संगठन के कार्य की ही चिंता नहीं करते थे, बल्कि उस कार्य को करने वाले कार्यकर्ताओं के प्रति भी उतने ही संवेदनशील रहते थे। कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समझना और उनके समाधान का रास्ता निकालना उनके स्वभाव का हिस्सा था।
उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी किसी समस्या का सहजता से निवारण करने की प्रो. सिंह में अद्भुत क्षमता थी। बड़े दायित्वों पर रहने के बावजूद उनका व्यवहार अत्यंत सहज और आत्मीय था। सामान्य कार्यकर्ता से मुलाकात के दौरान भी उनके व्यवहार में किसी तरह की औपचारिकता या दूरी दिखाई नहीं देती थी। यही सहजता कार्यकर्ताओं को उनसे जोड़ती थी।
बीएचयू में 38 वर्षों तक अध्यापन, तीन विश्वविद्यालयों के रहे कुलपति
विभाग संघचालक प्रो. जयप्रकाश लाल ने प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह के शैक्षणिक और संगठनात्मक जीवन को याद किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1962 से 2000 तक प्रो. सिंह काशी हिंदू विश्वविद्यालय के माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर रहे। लंबे समय तक अध्यापन और शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि प्रो. सिंह ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्व भी संभाले। वह रीवा विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ उनका जुड़ाव शिक्षा और सामाजिक जीवन से लगातार बना रहा।
विभाग से क्षेत्र तक निभाए संघ के महत्वपूर्ण दायित्व
प्रो. जयप्रकाश लाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह ने लंबे समय तक विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने काशी विभाग के विभाग संघचालक, प्रांत संघचालक और बाद में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक राम सूचित पाण्डेय ने कहा कि प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह का व्यक्तित्व बेहद विनम्र था। विभिन्न महत्वपूर्ण पदों और जिम्मेदारियों पर रहने के बावजूद उनकी सादगी बनी रही। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों के प्रति उनकी निष्ठा जीवनपर्यंत कायम रही।
सिद्धनाथ सिंह ने साझा किए जीवन से जुड़े संस्मरण
बिहार एवं झारखंड क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र संघचालक सिद्धनाथ सिंह ने भी प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रो. सिंह के साथ बिताए समय और उनके जीवन से जुड़ी कई घटनाओं एवं संस्मरणों का उल्लेख किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन संगठन, शिक्षा और सामाजिक दायित्वों के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा।
श्रद्धांजलि सभा के बाद प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह के अस्थि कलश को अस्सी घाट ले जाया गया। वहां विधि-विधान के साथ उनकी अस्थियों का गंगा में विसर्जन किया गया।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह प्रो. राकेश तिवारी, प्रांत प्रचारक रमेश, प्रांत संपर्क प्रमुख दीनदयाल पाण्डेय, महानगर प्रचारक आशीष, भाग प्रचारक आदर्श, नागेंद्र, जागेश्वर और डॉ. आनंद प्रभा सिंह समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन विभाग कार्यवाह राजेश विश्वकर्मा ने किया।