पितरों की स्मृति में लगाए पौधे, काशी को फिर ‘आनंद कानन’ बनाने का संकल्प
तुलसी घाट से पौधारोपण एवं पौधा वितरण अभियान शुरू, श्रद्धालुओं को तुलसी, पीपल, शमी समेत विभिन्न पौधे बांटे
वाराणसी। पितृपक्ष के अवसर पर पूर्वजों की स्मृति को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए जागृति फाउंडेशन की ओर से रविवार को तुलसी घाट से पौधारोपण एवं पौधा वितरण अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के तहत गंगा स्नान और तर्पण के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं तथा वेदपाठी बटुकों को तुलसी, बेला, पीपल, केला, शमी और गेंदा सहित विभिन्न पौधे वितरित किए गए। लोगों से अपने पितरों की स्मृति में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई।
अभियान का शुभारंभ अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के महंत एवं मुख्य अतिथि प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र, बीएचयू के वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एनके दुबे, समाजसेवी नागेश सिंह, केंद्रीय पुस्तकालय के वरिष्ठ अधिकारी रामा पांडे, ‘वास्तु वृक्षम्’ के लेखक डॉ. अनिल उपाध्याय, भागवत संस्कृत महाविद्यालय असि के आचार्य पं. वरुणेश दीक्षित और जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने संयुक्त रूप से पौधा वितरण कर किया।
काशी को फिर हरित बनाने का आह्वान
प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने कहा कि काशी को फिर से ‘आनंद कानन’ के रूप में विकसित करने की जरूरत है। काशी की पहचान उसके आध्यात्मिक वातावरण के साथ प्राकृतिक हरियाली से भी जुड़ी है। उन्होंने तुलसी के धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। प्रो. एनके दुबे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर और आसपास पौधे लगाकर उनकी देखभाल करनी चाहिए।
पितरों की स्मृति को हरियाली से जोड़ने की पहल
अभियान के संयोजक रामयश मिश्र ने कहा कि पितृपक्ष में पौधारोपण और पौधा वितरण का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। यदि लोग अपने पूर्वजों की स्मृति में पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें तो आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित वातावरण तैयार किया जा सकता है। कार्यक्रम में आचार्य वरुणेश चंद्र दीक्षित, राघवेंद्र पांडे, रामा पांडे, नागेश सिंह और डॉ. अनिल उपाध्याय ने भी विचार रखे। स्वामीनारायणनंद तीर्थ वेद विद्यालय के वेदपाठी बटुकों ने वेद मंत्रों का पाठ किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योतिषाचार्य पं. शिवपूजन शास्त्री ने की। संचालन रामयश मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन धीरज कुमार मिश्र ने किया। आयोजकों के अनुसार पितृपक्ष के दौरान अभियान जारी रखते हुए अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।