मनरेगा बहाली के लिए मजदूरों की पंचायत, प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ विरोध, आंदोलन तेज करने का ऐलान
वाराणसी। मिर्जामुराद क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत गौर में मनरेगा मजदूर यूनियन द्वारा ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत आयोजित मजदूर पंचायत में सैकड़ों मजदूरों ने भाग लेकर मनरेगा की बहाली और मूल स्वरूप को बरकरार रखने की मांग की। पंचायत में मजदूरों ने प्रस्तावित बदलावों का विरोध करते हुए सरकार से रोजगार गारंटी योजना से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने की अपील की।
प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ नारेबाजी
पंचायत के दौरान कार्यकर्ताओं ने विकसित भारत-ग्राम-जी अधिनियम के विरोध में नारे लगाए। साथ ही मनरेगा योजना के नाम में बदलाव और रोजगार गारंटी से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने कहा कि यदि मनरेगा में किसी प्रकार का संशोधन किया गया तो इससे ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के हित प्रभावित होंगे।
यूनियन ने मनरेगा से संबंधित प्रस्तावित विधेयक और बदलावों को वापस लेने की मांग की।
“मनरेगा ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा” – रेनू
यूनियन की रेनू ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा के समान है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव मजदूरों के हितों के खिलाफ होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि मनरेगा की मूल भावना को कायम रखा जाए और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
कार्यक्रम के अंत में यूनियन के कार्यकर्ताओं और मजदूरों ने मनरेगा को बचाने के संकल्प के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
सैकड़ों मजदूर रहे मौजूद
मजदूर पंचायत में रेनू, अनिल, पूजा, मुश्तफा, कविता, उषा, किरण, सावित्री, राधा, चमेला, सरोजा, शीला, चंद्रावती, मीना, राधिका, नगीना, हिरावती, शांति, कान्ति, सीता, सीतला, पार्वती, दुलारी समेत सैकड़ों मजदूर और कार्यकर्ता मौजूद रहे।