हल्की बारिश में डूबा रविंद्रपुरी का पद्मश्री चौराहा, काली माता मंदिर मार्ग पर जलभराव से राहगीर परेशान
वाराणसी। मानसून की पहली बारिश ने ही नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। रवींद्रपुरी स्थित पद्मश्री चौराहे से सटे काली माता मंदिर मार्ग पर मामूली वर्षा के बाद सड़क पर जलभराव हो गया, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी भरने से सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए यातायात भी धीमा पड़ गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से हर बरसात में इस मार्ग पर पानी जमा हो जाता है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगती है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह स्थिति जोखिम भरी साबित होती है, क्योंकि पानी में सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते और फिसलने या दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
जलभराव का सबसे अधिक असर काली माता मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ता है। प्रतिदिन सुबह और शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन बारिश के दौरान मंदिर तक पहुंचने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल के आसपास जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था होना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को असुविधा न झेलनी पड़े।
पद्मश्री चौराहा शहर के प्रमुख और अत्यधिक व्यस्त चौराहों में शामिल है। यह मार्ग लंका, भेलूपुर, दुर्गाकुंड और अस्सी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है, जहां पूरे दिन वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सड़क पर जलभराव होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और जाम की स्थिति भी बन जाती है। कई वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ा, जिससे अन्य मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया।
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में इन दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है। उनका कहना है कि यदि नालियों की नियमित सफाई, जलनिकासी की वैज्ञानिक योजना और समयबद्ध रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, तो इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पद्मश्री चौराहे एवं काली माता मंदिर मार्ग पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। उनका कहना है कि शहर के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्गों में शामिल इस क्षेत्र में बेहतर जलनिकासी व्यवस्था विकसित करना समय की आवश्यकता है, ताकि हर बारिश के साथ लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।