सावन के दूसरे शनिवार अक्षयवट हनुमान का 5100 रुद्राक्ष के दानों से हुआ दिव्य श्रृंगार, दर्शन को लगी भक्तों की कतार 

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में विराजमान अक्षयवट हनुमान जी का सावन के दूसरे शनिवार को विशेष और भव्य श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर बाबा का 5100 रुद्राक्ष के दानों से अलौकिक श्रृंगार किया गया। रुद्राक्ष की लंबी माला से सजे हनुमान जी के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
 

वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में विराजमान अक्षयवट हनुमान जी का सावन के दूसरे शनिवार को विशेष और भव्य श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर बाबा का 5100 रुद्राक्ष के दानों से अलौकिक श्रृंगार किया गया। रुद्राक्ष की लंबी माला से सजे हनुमान जी के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

शनिवार को भोर करीब चार बजे मंगला आरती से पहले पुजारी राजू पांडेय ने विधि-विधान से भगवान हनुमान का स्नान कराया। इसके बाद सिंदूर और तेल का लेपन कर उन्हें नूतन वस्त्र धारण कराए गए। भगवान को 5100 रुद्राक्ष के दानों से तैयार माला पहनाई गई। साथ ही सुगंधित फूलों से भी आकर्षक श्रृंगार किया गया।

महंत नील कुमार मिश्रा द्वारा आरती संपन्न कराए जाने के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही भक्तों का तांता लग गया। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अक्षयवट हनुमान के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

सुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ बनी रही। दर्शन-पूजन के साथ श्रद्धालुओं में प्रसाद प्राप्त करने को लेकर भी उत्साह दिखाई दिया। पूरे परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।

विशेष श्रृंगार कार्यक्रम में महंत परिवार के अंकित मिश्रा, बच्चा पाठक, रमेश गिरी, राजू पाठक, रजत और रोहित सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सावन के दूसरे शनिवार को हुए इस विशेष श्रृंगार ने श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण पैदा किया।