विजयादशमी पर स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी ने किया शस्त्र पूजन, दुर्गा सप्तशती के संपुट पाठ से गूंजा दुर्गा भवन

विजयादशमी के पावन पर्व पर स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी की ओर से मंगलवार को छत्तातले चौक स्थित दुर्गा भवन, लालू सेठ के कटरा में शस्त्र पूजन का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। वर्ष 1954 से स्थापित संस्था ने अपनी वर्षों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन करते हुए वैदिक विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया। इस दौरान दुर्गा सप्तशती का संपुट पाठ हुआ और सनातन संस्कृति, शौर्य, पराक्रम तथा क्षत्रिय गौरव के प्रति आस्था व्यक्त की गई।
 

 

1954 से चली आ रही परंपरा का किया निर्वहन, सनातन संस्कृति, शौर्य और क्षत्रिय गौरव का दिया संदेश

 

वाराणसी। विजयादशमी के पावन पर्व पर स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी की ओर से मंगलवार को छत्तातले चौक स्थित दुर्गा भवन, लालू सेठ के कटरा में शस्त्र पूजन का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। वर्ष 1954 से स्थापित संस्था ने अपनी वर्षों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन करते हुए वैदिक विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया। इस दौरान दुर्गा सप्तशती का संपुट पाठ हुआ और सनातन संस्कृति, शौर्य, पराक्रम तथा क्षत्रिय गौरव के प्रति आस्था व्यक्त की गई।

 

कार्यक्रम में कमेटी के अध्यक्ष घनश्याम सेठ ‘बच्चा’ ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया। काशी के विद्वान कृष्ण मोहन शुक्ल और विपिन गर्ग के सानिध्य में दुर्गा सप्तशती का संपुट पाठ संपन्न हुआ। धार्मिक मंत्रोच्चार के बीच हुए अनुष्ठान से परिसर भक्तिमय हो उठा। उपस्थित लोगों ने विजयादशमी के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को स्मरण करते हुए परंपराओं के संरक्षण का संकल्प व्यक्त किया।

शक्ति, साहस और धर्म रक्षा का प्रतीक है शस्त्र पूजन
कमेटी के अध्यक्ष घनश्याम सेठ ‘बच्चा’ ने कहा कि संस्था प्रतिवर्ष विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का आयोजन कर अपनी ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ा रही है। विजयादशमी बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है। शस्त्र पूजन इसी परंपरा के तहत शक्ति, साहस, आत्मरक्षा और धर्म की रक्षा के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।

 

उन्होंने कहा कि स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी लंबे समय से समाज की सांस्कृतिक पहचान, एकजुटता और गौरवशाली परंपराओं को संरक्षित करने में योगदान दे रही है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम हैं। कार्यक्रम में महामंत्री राजू वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

संरक्षक, सलाहकार और समाज के लोग रहे मौजूद
आयोजन में गंगाराम, सरोज सेठ, विनोद कुमार सेठ, श्याम सुंदर सिंह, रवि सर्राफ, कृष्ण कुमार सेठ ‘बच्चू’, मुरली मनोहर सिंह, कमल कुमार सिंह, किशोर सेठ (पूर्व पार्षद), डॉ. कैलाश सिंह विकास, अशोक कुमार वर्मा, दुर्गा प्रसाद सेठ एडवोकेट और शैलेश चंद्र वर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इसके अलावा लालू सेठ, अनुज गौतम, सत्य प्रकाश सेठ, श्याम कुमार सर्राफ, अवधेश सेठ, अमित सोनी, विष्णु सेठ, जनार्दन वर्मा, ईश्वर दयाल सिंह सेठ, सत्यनारायण सेठ, रविशंकर सिंह, सुरेंद्र सेठ एडवोकेट, श्याम जी सेठ, आशीर्वाद सिंह, सर्वेश वर्मा सहित समाज के सैकड़ों लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।