तुलसी जयंती पर बीएचयू में सजेगा रामायणी सम्मान का मंच, अनूप जलोटा-अनुराधा पौडवाल समेत 28 विभूतियां होंगी सम्मानित

गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर काशी में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और रामायण परंपरा से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों का सम्मान किया जाएगा। रामायण रिसर्च काउंसिल की ओर से आयोजित रामायणी सम्मान समारोह में इस वर्ष देशभर की 28 विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मान पाने वालों में प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा, लोकप्रिय गायिका अनुराधा पौडवाल, बिहार के आरके सिन्हा और काशी के डॉ. उदय प्रताप सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्व शामिल हैं।
 

वाराणसी। गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर काशी में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और रामायण परंपरा से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों का सम्मान किया जाएगा। रामायण रिसर्च काउंसिल की ओर से आयोजित रामायणी सम्मान समारोह में इस वर्ष देशभर की 28 विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मान पाने वालों में प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा, लोकप्रिय गायिका अनुराधा पौडवाल, बिहार के आरके सिन्हा और काशी के डॉ. उदय प्रताप सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्व शामिल हैं।

समारोह का आयोजन 19 अगस्त को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में भारतीय अध्ययन केंद्र के सहयोग से किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, सम्मान समारोह का उद्देश्य रामायण, भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, साहित्य, कला और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।

250 से अधिक नामांकन में हुआ चयन
रामायणी सम्मान के लिए इस वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों से 250 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे। इनमें रामायण और भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ साहित्य, अध्यात्म, कला, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय व्यक्तित्वों के नाम शामिल थे। चयन प्रक्रिया के बाद 28 विभूतियों को सम्मान के लिए चुना गया।

रामायण रिसर्च काउंसिल के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के अध्यक्ष अजय भट्ट के अनुसार, चयनित व्यक्तित्वों ने अपने-अपने क्षेत्रों में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, आध्यात्मिक परंपराओं और रामायण से जुड़े विचारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भक्ति संगीत के क्षेत्र की दो प्रमुख हस्तियां भी सूची में
इस वर्ष सम्मान पाने वालों में अनूप जलोटा और अनुराधा पौडवाल प्रमुख नाम हैं। दोनों ही भक्ति संगीत के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं और भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को संगीत के माध्यम से व्यापक स्तर तक पहुंचाने में योगदान देते रहे हैं।
इसके अलावा बिहार के आरके सिन्हा, काशी के डॉ. उदय प्रताप सिंह समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 24 अन्य व्यक्तित्वों को भी समारोह में सम्मानित किया जाएगा। चयनित विभूतियों में कला, साहित्य, अध्यात्म, शिक्षा, समाजसेवा और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं।

तुलसी जयंती से जुड़ा आयोजन विशेष
काशी में तुलसी जयंती के अवसर पर होने वाले इस आयोजन का धार्मिक और साहित्यिक दृष्टि से विशेष महत्व है। गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के माध्यम से भगवान श्रीराम के चरित्र, आदर्शों और रामायण के संदेश को जनभाषा में व्यापक समाज तक पहुंचाया। ऐसे में उनकी जयंती पर रामायण और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों का सम्मान काशी की परंपरा से भी जुड़ता है।

रामायण शोध और विमर्श को मिलेगा मंच
आयोजकों के अनुसार, रामायणी सम्मान केवल सम्मान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि रामायण के अध्ययन, शोध और व्यापक विमर्श को बढ़ावा देने की पहल भी है। बीएचयू के भारतीय अध्ययन केंद्र के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और अध्यात्म से जुड़े विषयों पर चर्चा की संभावना है।

रामायण रिसर्च काउंसिल का मानना है कि रामायण के मूल्यों और संदेश को शोध, साहित्य, संगीत, कला और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने से सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिलेगी। 19 अगस्त को बीएचयू परिसर में होने वाले समारोह में 28 चयनित विभूतियों को रामायणी सम्मान प्रदान किया जाएगा। तुलसी जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम काशी की धार्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय मंच से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।