मकर संक्रांति पर गरीब व असहायों का सम्मान, वस्त्र व अन्नदान कर मनाया गया खिचड़ी पर्व

वाराणसी। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर राजातलाब में मानव सेवा और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हुए गरीब, वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों को सम्मानित कर वस्त्र एवं अन्नदान किया गया। आराजी लाइन विकासखंड क्षेत्र के कपरफोरवा गांव स्थित पूरब के पूरा बस्ती में वासदेव बाबा के मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में खिचड़ी पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया।
 

वाराणसी। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर राजातलाब में मानव सेवा और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हुए गरीब, वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों को सम्मानित कर वस्त्र एवं अन्नदान किया गया। आराजी लाइन विकासखंड क्षेत्र के कपरफोरवा गांव स्थित पूरब के पूरा बस्ती में वासदेव बाबा के मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में खिचड़ी पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया।

वासदेव बाबा मंदिर परिसर में हुआ सेवा कार्यक्रम
यह सम्मान समारोह किसान सभा जंसा मंडल के मंत्री सागर प्रसाद सिंह, संयुक्त मंत्री किसान सभा वाराणसी डॉ. शिव शंकर शास्त्री तथा बहुउद्देशीय विकास समिति कपरफोरवा वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता छेदीलाल मास्टर ने की। आयोजन के दौरान गांव के वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगों और गरीब असहायों को वस्त्र भेंट कर, माल्यार्पण किया गया और उन्हें खिचड़ी प्रसाद ग्रहण कराया गया।

खिचड़ी खिलाकर लिया गया आशीर्वाद
मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन कराया और उनका आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव का माहौल बना रहा और ग्रामीणों में आपसी सहयोग व भाईचारे की भावना देखने को मिली।

वस्त्र व अन्नदान का विशेष महत्व
इस अवसर पर डॉ. शिव शंकर शास्त्री ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन वस्त्रदान और अन्नदान का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। इससे न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि समाज में सुख, शांति और सद्भाव भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज के कमजोर वर्ग को सम्मान मिलता है और मानवीय मूल्यों को मजबूती मिलती है।

इन लोगों का रहा विशेष सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में राज नारायण सिंह, विजय कोटेदार, डॉ. सेवाराम, हंसराज (पूर्व बीडीसी), डॉ. आलोक कुमार और केशव प्रसाद का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।