गुरु पूर्णिमा पर अघोर पीठ क्रीकुण्ड बनेगा आस्था का केंद्र, बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के आशीर्वचन सुनने उमड़ेंगे देश-विदेश के श्रद्धालु

गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर बुधवार, 29 जुलाई 2026 को अघोर परंपरा के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र अघोर पीठ बाबा कीनाराम स्थल, क्रीकुण्ड में भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी हजारों श्रद्धालु, अघोर साधक और संत-महात्मा क्रीकुण्ड पहुंचकर पूज्य पीठाधीश्वर बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम के दर्शन करेंगे, उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे तथा उनके प्रेरणादायी आशीर्वचनों का श्रवण करेंगे।
 

वाराणसी। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर बुधवार, 29 जुलाई 2026 को अघोर परंपरा के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र अघोर पीठ बाबा कीनाराम स्थल, क्रीकुण्ड में भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी हजारों श्रद्धालु, अघोर साधक और संत-महात्मा क्रीकुण्ड पहुंचकर पूज्य पीठाधीश्वर बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम के दर्शन करेंगे, उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे तथा उनके प्रेरणादायी आशीर्वचनों का श्रवण करेंगे।

अघोर परंपरा में गुरु पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण, सेवा और आत्मिक साधना का प्रतीक है। इसी कारण प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा पर क्रीकुण्ड में विशाल आयोजन होता है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस वर्ष भी आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

गुरु पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 8 बजे से होगा। पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन, गुरु वंदना, धार्मिक अनुष्ठान, आध्यात्मिक प्रवचन तथा अन्य पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहेगा। श्रद्धालु बाबा कीनाराम की तपोस्थली पर मत्था टेककर अघोर परंपरा के महान संतों एवं अघोरेश्वरों की समाधियों पर पूजन-अर्चन करेंगे और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करेंगे।

आयोजन समिति के अनुसार, पूज्य पीठाधीश्वर बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम अपने आशीर्वचन में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता, मानव सेवा, करुणा, आध्यात्मिक जीवन और अघोर दर्शन के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालेंगे। उनके संदेश को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। संत-महात्माओं, अघोर साधकों और भक्तों की उपस्थिति से पूरा क्रीकुण्ड परिसर आध्यात्मिक आस्था और भक्ति के वातावरण से सराबोर रहेगा।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए परिसर में पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजन समिति के स्वयंसेवक भी पूरे दिन श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तैनात रहेंगे।


आयोजकों ने मीडिया प्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वे प्रातः 8 बजे से क्रीकुण्ड पहुंचकर गुरु पूर्णिमा महोत्सव की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा, अघोर परंपरा की आध्यात्मिक विरासत तथा बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम के प्रेरणादायी संदेश को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन एक बार फिर वाराणसी की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और अघोर दर्शन की वैश्विक पहचान को सशक्त रूप से प्रदर्शित करेगा।