पीएम मोदी के जन्मदिन पर यूथ कांग्रेस ने मांगा ‘जनता का हिसाब’, सरकार से पूछे 17 सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर जिला यूथ कांग्रेस, वाराणसी ने सरकार की जवाबदेही को लेकर ‘जनता का हिसाब–17 सवाल’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। संगठन ने रोजगार, सरकारी भर्ती, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान और छोटे व्यापारियों से जुड़े मुद्दों के साथ वाराणसी की जलभराव, सीवर और जलनिकासी जैसी स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछे हैं।
 

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर जिला यूथ कांग्रेस, वाराणसी ने सरकार की जवाबदेही को लेकर ‘जनता का हिसाब–17 सवाल’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। संगठन ने रोजगार, सरकारी भर्ती, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान और छोटे व्यापारियों से जुड़े मुद्दों के साथ वाराणसी की जलभराव, सीवर और जलनिकासी जैसी स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछे हैं।

यूथ कांग्रेस की ओर से जारी प्रश्न-पत्र में सरकार से इन सवालों के लिखित, तथ्यात्मक और समयबद्ध जवाब की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति के जन्मदिन का विरोध करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के सवालों और सरकार की जवाबदेही को सामने रखना है।

प्रश्न-पत्र में युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार और नई नौकरियों के वास्तविक आंकड़े तथा विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की समयसीमा पूछी गई है। महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्च को नियंत्रित करने की कार्ययोजना, सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं तथा आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल भी शामिल हैं।

युवा कांग्रेस ने प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में आने वाली समस्याओं के समाधान की जवाबदेही, छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के लिए उठाए गए कदम तथा किसानों की आय, कृषि लागत और बाजार व्यवस्था को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

वाराणसी की समस्याओं पर भी सवाल
स्थानीय मुद्दों में हर वर्ष होने वाले जलभराव के स्थायी समाधान की समयसीमा, सीवर व्यवस्था के आधुनिकीकरण और रखरखाव की योजना तथा जलनिकासी व्यवस्था में जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा विकास परियोजनाओं के स्वीकृत बजट और वास्तविक खर्च का सार्वजनिक विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

प्रश्न-पत्र में सरकारी घोषणाओं में कितनी शासनादेश में बदलीं और कितनी धरातल पर पूरी हुईं, इसका विवरण भी मांगा गया है। जनप्रतिनिधियों के वार्षिक सार्वजनिक रिपोर्ट कार्ड और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने वाले पात्र लोगों का क्षेत्रवार आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग भी रखी गई है। यूथ कांग्रेस ने कहा कि 17 सितंबर को इन सवालों को जनता के बीच ले जाकर सरकार और संबंधित जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा जाएगा। संगठन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को सरकार से सवाल पूछने और जवाब मांगने का अधिकार है।