'संविधान बचाओ' के नारे के साथ वाराणसी में NSUI का मशाल जुलूस, सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

वाराणसी। NSUI उत्तर प्रदेश (पूर्वी) ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर “संविधान बचाओ, देश बचाओ” के नारे के साथ मशाल जुलूस निकालकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। संगठन ने इसे लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया।
 

वाराणसी। NSUI उत्तर प्रदेश (पूर्वी) ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर “संविधान बचाओ, देश बचाओ” के नारे के साथ मशाल जुलूस निकालकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। संगठन ने इसे लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया।

मशाल जुलूस के जरिए जताया विरोध
एनएसयूआई द्वारा आयोजित इस मशाल जुलूस में छात्रों और युवाओं ने भाग लेकर वर्तमान सरकार की नीतियों का विरोध किया। संगठन का कहना है कि यह जुलूस जनविरोधी फैसलों और संविधान पर कथित हमलों के खिलाफ एक सशक्त संदेश है।

“संविधान की मूल भावना के खिलाफ काम कर रही सरकार”
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पाण्डेय ने कहा कि मौजूदा सरकार संविधान की मूल भावना के अनुरूप कार्य नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है और आम जनता के अधिकारों पर असर पड़ रहा है।

युवाओं से सड़क पर उतरने की अपील
ऋषभ पाण्डेय ने युवाओं से आह्वान किया कि वे चुप न रहें और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब द्वारा दिए गए संविधान की गरिमा को बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष शशांक शेखर सिंह सहित कई छात्र नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर “संविधान बचाओ” के नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

संघर्ष जारी रखने का ऐलान
एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि यदि संविधान पर किसी भी प्रकार का हमला होगा तो संगठन सड़क पर उतरकर संघर्ष करता रहेगा। संगठन ने प्रदेशवासियों से इस आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज उठाने की अपील भी की।