काशी विद्यापीठ में एनएसएस शिविर का समापन, मतदाता जागरुकता और गंगा निर्मलीकरण का दिया संदेश

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन 20 मार्च को विभिन्न जनजागरुकता कार्यक्रमों के साथ किया गया। यह शिविर कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के निर्देशन में तथा एनएसएस समन्वयक डॉ. रविंद्र कुमार गौतम के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हंसराज, धनंजय कुमार शर्मा, डॉ. शशांक चंदेल और डॉ. दिनेश कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ। इस दौरान मतदाता जागरुकता और गंगा स्वच्छता का सामाजिक संदेश दिया गया। 
 

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन 20 मार्च को विभिन्न जनजागरुकता कार्यक्रमों के साथ किया गया। यह शिविर कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के निर्देशन में तथा एनएसएस समन्वयक डॉ. रविंद्र कुमार गौतम के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हंसराज, धनंजय कुमार शर्मा, डॉ. शशांक चंदेल और डॉ. दिनेश कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ। इस दौरान मतदाता जागरुकता और गंगा स्वच्छता का सामाजिक संदेश दिया गया। 

शिविर के अंतिम दिन की शुरुआत स्वयंसेवकों को मतदाता जागरुकता शपथ दिलाकर की गई। इस दौरान युवाओं को लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने और निष्पक्ष मतदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने गंगा घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया और घाट परिसर की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। साथ ही आमजन को भी स्वच्छता अभियान में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत जल संरक्षण को लेकर भी विशेष जागरुकता अभियान चलाया गया। स्वयंसेवकों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने जल के महत्व को समझते हुए उसके संरक्षण और सदुपयोग का संकल्प लिया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न उपायों पर भी चर्चा की गई।

गंगा घाट की सफाई में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय लोगों का भी सहयोग मिला। नगवा वार्ड के सभासद प्रतिनिधि रविंद्र कुमार सिंह सहित अन्य स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वयंसेवकों का सहयोग किया। समापन अवसर पर कार्यक्रम अधिकारियों ने स्वयंसेवकों के समर्पण और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और सेवा भावना का विकास करते हैं। सात दिवसीय यह विशेष शिविर प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साबित हुआ।