नगर निगम कर्मी पर मारपीट का आरोप, दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे, 68 वर्षीय दुकानदार ने लगाए गंभीर आरोप, सुपरवाइजर ने बताया साजिश

वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र के चिल बागेश्वर पार्क इलाके में नगर निगम के एक सुपरवाइजर पर मारपीट और धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। 68 वर्षीय दुकानदार ने आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर उनके साथ मारपीट की गई, वहीं आरोपित कर्मी और स्थानीय लोगों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए साजिश करार दिया है। फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप का बन गया है और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
 

वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र के चिल बागेश्वर पार्क इलाके में नगर निगम के एक सुपरवाइजर पर मारपीट और धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। 68 वर्षीय दुकानदार ने आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर उनके साथ मारपीट की गई, वहीं आरोपित कर्मी और स्थानीय लोगों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए साजिश करार दिया है। फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप का बन गया है और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

दुकानदार का आरोप—शिकायत पर हुई मारपीट
पीड़ित रमजान अली पचरंगी (68) के अनुसार, वह भेलूपुर क्षेत्र में गुमटी लगाकर कॉपी-किताब और स्टेशनरी बेचते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान के पास कई दिनों से कूड़ा जमा था, जिसकी शिकायत करने वह नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे।

उनका आरोप है कि कार्यालय के गेट पर ही नगर निगम के सुपरवाइजर राजकुमार उनसे मिले और शिकायत से नाराज होकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर कथित रूप से उनके साथ लात-घूंसे से मारपीट की गई। पीड़ित का कहना है कि इस दौरान एक महिला अधिकारी ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उन्हें चोटें आईं, जिसमें दो दांत टूटने और हाथ में चोट लगने की बात कही गई है।

सुपरवाइजर का पक्ष—“आरोप निराधार, छवि खराब करने की कोशिश”
नगर निगम सुपरवाइजर राजकुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह उनकी छवि खराब करने की साजिश है। उन्होंने बताया कि जिस महिला अधिकारी का जिक्र किया जा रहा है, वह उस दिन छुट्टी पर थीं और मौके पर मौजूद अन्य लोग भी इस तरह की किसी घटना से इनकार कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में ऐसी कोई घटना सामने नहीं आएगी।

स्थानीय लोगों ने भी आरोपों को बताया गलत
इस मामले में कुछ स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने भी दुकानदार के आरोपों को गलत बताया है। समाजसेवी गुड्डू और सुभाष का कहना है कि पचरंगी पर पहले भी लोगों से दुर्व्यवहार और धन उगाही के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दोनों पक्षों की अलग-अलग मांगें
एक ओर पीड़ित दुकानदार ने नगर निगम कर्मी के खिलाफ विभागीय जांच और अन्य जोन में स्थानांतरण की मांग की है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने झूठे आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई की अपील की है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल मामला पूरी तरह आरोप-प्रत्यारोप में उलझा हुआ है। पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना की वास्तविकता क्या है। यह मामला न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि स्थानीय स्तर पर विवादों के बढ़ते स्वरूप को भी उजागर करता है।