नगर निगम का नो फ्यूल डे’ : सरकारी गाड़ी छोड़ इलेक्ट्रिक कार पर सवार हुए मेयर, ईंधन बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश 

प्रधानमंत्री के पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम ने शनिवार को ‘नो फ्यूल डे’ के रूप में मनाया। इस अवसर पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने खुद पहल करते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मेयर सरकारी गाड़ी छोड़ ईवी पर सवार होकर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। 
 

वाराणसी। प्रधानमंत्री के पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम ने शनिवार को ‘नो फ्यूल डे’ के रूप में मनाया। इस अवसर पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने खुद पहल करते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मेयर सरकारी गाड़ी छोड़ ईवी पर सवार होकर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। 

शनिवार को महापौर ने अपनी पारंपरिक सरकारी पेट्रोल वाहन का उपयोग नहीं किया। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच वह छाता लेकर पैदल ही नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उनकी इस सादगी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को देखकर निगम कर्मचारियों और आम लोगों ने सराहना की।

नगर निगम कार्यालय पहुंचने के बाद महापौर बीएचयू में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले। इस दौरान उन्होंने पेट्रोल या डीजल वाहन के बजाय पूरी तरह प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल किया। महापौर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है और हर नागरिक को इसमें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

महापौर की इस पहल का असर नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी देखने को मिला। शनिवार को नगर निगम परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में पारंपरिक वाहनों की संख्या कम दिखाई दी। अधिकांश कर्मचारी साइकिल, ई-रिक्शा, बस या अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करते नजर आए। वहीं कुछ अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

नगर निगम का उद्देश्य लोगों को निजी ईंधन आधारित वाहनों का कम उपयोग करने और पर्यावरण अनुकूल साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। निगम की इस पहल को शहर के बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने भी सराहा है। ‘नो फ्यूल डे’ के माध्यम से नगर निगम ने स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त वाराणसी बनाने का संदेश देने का प्रयास किया है।