टीबी मुक्त भारत अभियान को मिला बल, राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने 50 मरीजों को वितरित की पोषण पोटली
वाराणसी। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को कबीरचौरा स्थित एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय में क्षय रोगियों के लिए पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर 50 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
इस अवसर पर डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने कहा कि क्षय रोग (टीबी) पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। समय पर जांच, नियमित दवा सेवन और संतुलित पोषण के माध्यम से इस रोग पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन में जनसहभागिता और पोषण सहायता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने समाज के सक्षम एवं जागरूक लोगों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की सहायता करने का आह्वान किया और भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए आवश्यक जांच, दवाएं और उपचार की सभी सुविधाएं अस्पताल में पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि उपचार के दौरान किसी भी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीयूष राय ने बताया कि जनपद में तीन हैंडहेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीनों के माध्यम से व्यापक टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत डिजिटल एक्स-रे, बलगम जांच, टीबी के लक्षणों की पहचान और जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब वाराणसी के प्रत्येक विकासखंड में ट्रूनाट मशीन उपलब्ध है, जिससे टीबी की आधुनिक और सटीक जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव हो गई है। इससे मरीजों को कम समय में रिपोर्ट और उपचार की सुविधा मिल रही है।