BHU बिरला छात्रावास में आधी रात जांच से छात्रों में नाराजगी, निजता में हस्तक्षेप का आरोप

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के बिरला छात्रावास में शनिवार देर रात विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम की ओर से की गई जांच को लेकर छात्रों में नाराजगी है। छात्रों का आरोप है कि रात करीब दो बजे बड़ी संख्या में प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े लोग छात्रावास पहुंचे और कमरों में सो रहे छात्रों को जगाकर जांच-पड़ताल की। छात्रों ने देर रात की गई इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए उनकी निजता में हस्तक्षेप करार दिया है।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के बिरला छात्रावास में शनिवार देर रात विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम की ओर से की गई जांच को लेकर छात्रों में नाराजगी है। छात्रों का आरोप है कि रात करीब दो बजे बड़ी संख्या में प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े लोग छात्रावास पहुंचे और कमरों में सो रहे छात्रों को जगाकर जांच-पड़ताल की। छात्रों ने देर रात की गई इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए उनकी निजता में हस्तक्षेप करार दिया है।

छात्रों के अनुसार, रात के समय अधिकांश छात्र अपने कमरों में सो रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में अधिकारियों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के छात्रावास पहुंचने से परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आरोप है कि टीम ने कई कमरों में जाकर छात्रों को नींद से जगाया और उनसे पूछताछ की। छात्रों का कहना है कि इस दौरान उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।

छात्रों का कहना है कि यदि छात्रावास में किसी तरह की जांच या निरीक्षण आवश्यक है तो उसके लिए उचित समय और निर्धारित प्रक्रिया होनी चाहिए। उनका आरोप है कि देर रात छात्रों की नींद में खलल डालकर जांच करना छात्रहित में उचित नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से पहले प्रक्रिया और समय का ध्यान रखने की मांग की।

छात्रों ने पूरे मामले की जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी विशेष कारण से छात्रावास में जांच की गई थी तो प्रशासन को छात्रों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। साथ ही देर रात जांच के दौरान छात्रों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने के आरोपों की भी पड़ताल होनी चाहिए।