तंबाकू मुक्त समाज का संदेश: नरायनपुर में बीएचयू का स्वास्थ्य शिविर, 125 से अधिक मरीजों का हुआ परीक्षण

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरुकता बढ़ाने और लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के उद्देश्य से नरायनपुर में विशेष स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईएमएस) के अंतर्गत संचालित ग्रामीण स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केंद्र, नरायनपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
 

वाराणसी। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरुकता बढ़ाने और लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के उद्देश्य से नरायनपुर में विशेष स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईएमएस) के अंतर्गत संचालित ग्रामीण स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केंद्र, नरायनपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

शिविर का नेतृत्व ग्रामीण स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केंद्र, चिरईगांव के प्रभारी डॉ. अभिषेक जायसवाल ने किया। इस दौरान ग्रामीणों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी समस्याओं तथा अन्य स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने लोगों से तंबाकू और उससे जुड़े सभी उत्पादों से दूरी बनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बीएचयू के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने भाग लिया और 125 से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। मरीजों को उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से उन्हें विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो जाती हैं।

इस अवसर पर डॉ. अभिषेक जायसवाल ने क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में हो रही प्रगति की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि नरायनपुर स्थित बीएचयू प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण के लिए वर्ष 2024 में लगभग तीन करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। केंद्र के नवीनीकरण संबंधी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और आगामी माह से निर्माण एवं रेनोवेशन कार्य शुरू होने की संभावना है।

उन्होंने विश्वास जताया कि नवीनीकरण कार्य पूरा होने के बाद केंद्र में संचालित ओपीडी सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित होंगी। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। बीएचयू का यह केंद्र भविष्य में भी ग्रामीण जनमानस की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए अपनी सेवाएं जारी रखेगा।

शिविर के सफल संचालन में ग्राम प्रधान सेवक यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अलावा गौरव राय, अजय पांडे, सिद्धार्थ पाठक, मोहित आनंद पाठक, शिवम पाठक और दीपक यादव ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में सक्रिय भूमिका निभाई।