काशी से गूंजा भारत-रूस मैत्री का संदेश, मां गंगा की आरती कर ब्रिक्स की सफलता की कामना की
सामने घाट पर नमामि गंगे ने किया पूजन-अर्चन, मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता की सफलता और वैश्विक शांति के लिए की प्रार्थना
वाराणसी। भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी पारंपरिक एवं विश्वसनीय मित्रता को और मजबूत बनाने की कामना के साथ नमामि गंगे की ओर से सामने घाट पर मां गंगा की आरती और पूजन किया गया। इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता की सफलता के लिए मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की गई। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के सफल आयोजन तथा वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत भूमिका के लिए भी आशीर्वाद मांगा गया।
गंगा आरती के दौरान नमामि गंगे टीम के सदस्यों ने हाथों में भारत और रूस के राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तस्वीरें लेकर दोनों देशों के बीच मैत्री, सहयोग और आपसी विश्वास को और मजबूत बनाने की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार और मां गंगा के जयघोष के बीच आरती और पूजन संपन्न हुआ। इस दौरान भारत-रूस के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलने की भी प्रार्थना की गई।
दशकों पुराने संबंधों को मिलेगी नई दिशा
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि भारत और रूस के संबंध लंबे समय से विश्वास और सहयोग पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश बढ़ाने, सुरक्षा सहयोग मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में शीर्ष नेतृत्व की वार्ता महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स सम्मेलन का महत्व भी बढ़ गया है। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित सदस्य और भागीदार देशों के प्रमुख नेताओं की भागीदारी हो रही है। वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद, नवाचार, स्थिरता और समावेशी विकास जैसे विषयों पर चर्चा के बीच भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
वैश्विक चुनौतियों पर साझा प्रयास की जरूरत
राजेश शुक्ला ने कहा कि कट्टरवाद, उग्रवाद, सीमा पार आतंकवाद और वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी देशों की साझा प्रतिबद्धता जरूरी है। वैश्विक शांति, सुरक्षा और विकास के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स सम्मेलन वैश्विक सहयोग के नए रास्ते खोलने के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच उभरती प्रौद्योगिकी, उद्योग, ऊर्जा और निवेश के क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं हैं। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की वार्ता इन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर सकती है।
काशी से विश्व कल्याण की कामना
आरती में शामिल लोगों ने कहा कि काशी की धरती से मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से की गई प्रार्थना भारत की विश्व कल्याण की भावना का प्रतीक है। सभी ने भारत-रूस की दोस्ती को मजबूत बनाने, ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता और विश्व में शांति, सुरक्षा एवं विकास की कामना की। इस अवसर पर नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला, सुभाष श्रीवास्तव, लल्लन सिंह, महेंद्र तिवारी, विनोद सिंह, राम सिंह, प्रमोद कुमार पाण्डेय, राजकपूर सिंह, कृष्णानंद, आशीष कुमार राय, केदारनाथ त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।