मध्यस्थता अभियान 2.0 को गति: जिला जज ने जागरुकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना 

आमजन को वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली से जोड़ने और न्यायिक मामलों का शांतिपूर्ण समाधान बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0' के तहत शुक्रवार को जनपद न्यायालय परिसर से जागरूकता प्रचार-प्रसार वाहनों को रवाना किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को रवाना किया।
 

वाराणसी। आमजन को वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली से जोड़ने और न्यायिक मामलों का शांतिपूर्ण समाधान बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0' के तहत शुक्रवार को जनपद न्यायालय परिसर से जागरूकता प्रचार-प्रसार वाहनों को रवाना किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को रवाना किया।

यह अभियान उच्चतम न्यायालय की मीडिएशन एवं कंसीलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नई दिल्ली) तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मध्यस्थता की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना और लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण कराना है।

इस अवसर पर जिला जज संजीव शुक्ला ने कहा कि प्रचार-प्रसार वाहन जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को मध्यस्थता अभियान 2.0 की उपयोगिता और लाभों के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि वादकारी वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, उपभोक्ता फोरम, भूमि अधिकरण, सेवा संबंधी मामलों, शमनीय आपराधिक मामलों, ऋण वसूली, बेदखली से जुड़े विवाद तथा अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से शांतिपूर्ण और कम समय में करा सकते हैं।

कार्यक्रम में मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण के पीठासीन अधिकारी रामकेश, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जनपद न्यायाधीश आलोक कुमार सहित जनपद न्यायालय के सभी न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स ने भी अभियान में भागीदारी की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राजीव मुकुल पाण्डेय ने बताया कि अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को मध्यस्थता अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होने के साथ ही पक्षकारों को त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण न्याय मिल सके।