ऑनलाइन जांच बुकिंग के झांसे में फंसा व्यक्ति, पांच रुपये के भुगतान के बहाने खाते से उड़ाए 2.67 लाख रुपये

साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। चौबेपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति अस्पताल में जांच की ऑनलाइन बुकिंग कराने के प्रयास में साइबर ठगी का शिकार हो गया। महज पांच रुपये की बुकिंग फीस जमा करने के नाम पर ठगों ने उसके बैंक खाते से 2 लाख 67 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 

वाराणसी। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। चौबेपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति अस्पताल में जांच की ऑनलाइन बुकिंग कराने के प्रयास में साइबर ठगी का शिकार हो गया। महज पांच रुपये की बुकिंग फीस जमा करने के नाम पर ठगों ने उसके बैंक खाते से 2 लाख 67 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

चौबेपुर थाना क्षेत्र के चिरईगांव रुस्तमपुर निवासी जोखन सिंह अपने एक मरीज की जांच कराने के लिए एपेक्स हॉस्पिटल का संपर्क नंबर इंटरनेट पर खोज रहे थे। गूगल सर्च के दौरान उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला, जिसे उन्होंने अस्पताल का आधिकारिक नंबर समझकर संपर्क किया।

फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को अस्पताल का प्रतिनिधि बताते हुए जांच की ऑनलाइन बुकिंग कराने का भरोसा दिलाया। उसने जोखन सिंह से एक ऑनलाइन फॉर्म भरने और प्रक्रिया पूरी करने के लिए मात्र पांच रुपये का भुगतान करने को कहा। इसके बाद उनके मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजा गया और उस पर क्लिक कर भुगतान करने के लिए कहा गया।

पीड़ित के अनुसार लिंक पर क्लिक करने के कुछ समय बाद उनका मोबाइल फोन अचानक काम करना बंद कर दिया। तकनीकी समस्या के कारण मोबाइल दो दिनों तक बंद रहा। जब फोन दोबारा चालू हुआ तो बैंक खाते की जानकारी देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। 12 जून को उनके खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 2 लाख 67 हजार रुपये निकाल लिए गए थे।

ठगी की जानकारी मिलते ही जोखन सिंह ने चौबेपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि मामले की जांच के लिए साइबर सेल की सहायता ली जा रही है। संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और भेजे गए लिंक की तकनीकी जांच कराई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी में शामिल आरोपी कहां से संचालित हो रहे थे।