काशी में महालक्ष्मी महायज्ञ का आगाज, गणेश पीठ की स्थापना के साथ शुरू हुए वैदिक अनुष्ठान
21 वैदिक विद्वान कराएंगे श्री यंत्र पूजन, मंत्र जप, सहस्रार्चन और हवन; शास्त्रीय संगीत व कथक-भरतनाट्यम की प्रस्तुतियां भी होंगी
वाराणसी। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर मां महालक्ष्मी की आराधना के लिए काशी में आयोजित दो दिवसीय महालक्ष्मी महायज्ञ का शनिवार को विधि-विधान के साथ शुभारंभ हुआ। वेद पारायण केन्द्रम न्यास की ओर से आयोजित इस वार्षिक अनुष्ठान की शुरुआत गणेश पीठ की स्थापना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन से हुई। आचार्य पंडित अशोक द्विवेदी के आचार्यत्व में धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। अनुष्ठान में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु और शिष्य काशी पहुंचे हैं।
रवीन्द्रपुरी एक्सटेंशन, अस्सी स्थित बी-1/3 परिसर में आयोजित यह न्यास का 44वां वार्षिक महायज्ञ है। रविवार, 25 अक्टूबर को इसके मुख्य अनुष्ठान संपन्न होंगे। इस दौरान 21 वैदिक विद्वानों की सहभागिता में श्री यंत्र की स्थापना एवं पूजन, श्री मंत्र का जप, सहस्रार्चन और हवन कराया जाएगा। वैदिक परंपराओं के अनुरूप होने वाले इन अनुष्ठानों के माध्यम से मां महालक्ष्मी की आराधना की जाएगी।
सुबह नौ बजे से मध्यरात्रि तक होंगे कार्यक्रम
आचार्य पंडित अशोक द्विवेदी ने बताया कि रविवार को सुबह नौ बजे से कार्यक्रम शुरू होकर मध्यरात्रि तक चलेगा। विशेष धार्मिक अनुष्ठान शाम चार बजे से आयोजित किए जाएंगे। श्री यंत्र पूजन, मंत्र जप और हवन सहित विभिन्न विधियां निर्धारित विधान के अनुसार संपन्न कराई जाएंगी। महायज्ञ में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम जारी है।
भक्ति संगीत और शास्त्रीय नृत्य होंगे आकर्षण
महालक्ष्मी महायज्ञ में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी होंगी। आर्या देशपांडे भरतनाट्यम के माध्यम से गणपति वंदना और शिव पंचाक्षर स्तोत्र प्रस्तुत करेंगी। वहीं, मधुमिता भट्टाचार्य और रतन त्रिपाठी भक्ति संगीत के जरिए श्रद्धालुओं को भक्तिरस से जोड़ेंगे। कथक नृत्यांगनाएं विशालाक्षी त्रिपाठी और ब्राह्मी त्रिपाठी भी अपनी प्रस्तुतियां देंगी। आयोजन में वैदिक परंपरा और शास्त्रीय कलाओं का समन्वय देखने को मिलेगा। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां कार्यक्रम को सांस्कृतिक आयाम प्रदान करेंगी।
विद्वतजनों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान हर्ष राज द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर काशी के अनेक विद्वतजन मौजूद रहे। पहले दिन गणेश पीठ की स्थापना और पूजन के साथ महायज्ञ का शुभारंभ धार्मिक उत्साह के बीच हुआ। रविवार को होने वाले मुख्य अनुष्ठानों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। दो दिवसीय आयोजन में पूजन, मंत्र जप, हवन, भक्ति संगीत और शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।