स्क्रूटनी में नंबर बढ़ाने का झांसा: यूपी बोर्ड छात्रों को साइबर ठगों का निशाना, 4000 रुपये की मांग से मचा हड़कंप

 
वाराणसी। यूपी बोर्ड परीक्षा के छात्रों को निशाना बनाकर साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। खुद को बोर्ड कार्यालय का कर्मचारी बताने वाले ठग छात्रों को फोन कर स्क्रूटनी में नंबर बढ़वाने का लालच दे रहे हैं। इसके बदले 4000 रुपये की मांग की जा रही है। पैसे न देने पर पुराने अंक ही रहने की बात कहकर छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है। मामले सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है।

छात्रों की जानकारी बताकर जीत रहे भरोसा

जानकारी के अनुसार, साइबर ठग अलग-अलग मोबाइल नंबरों से छात्रों को कॉल कर रहे हैं। बातचीत के दौरान वे छात्रों का नाम, रोल नंबर, परीक्षा संबंधी विवरण और अन्य शैक्षिक जानकारी सही-सही बताकर उनका विश्वास जीतने का प्रयास करते हैं। इसके बाद स्क्रूटनी में अंक बढ़ाने का दावा करते हुए रुपये की मांग की जाती है।

चंदौली के छात्र से मांगे 4000 रुपये

ऐसा ही एक मामला चंदौली के छात्र शौकत अली के साथ सामने आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को वाराणसी स्थित बोर्ड कार्यालय का कर्मचारी बताते हुए छात्र की शैक्षिक जानकारी साझा की और फिर स्क्रूटनी में अंक बढ़वाने के लिए 4000 रुपये देने को कहा। छात्र को संदेह होने पर उसने तुरंत क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय में तैनात सहायक सचिव मनोज कुमार से संपर्क कर मामले की जानकारी दी।

बोर्ड और डीआईओएस कार्यालय पहुंच रहीं शिकायतें

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में कई छात्र और अभिभावक इस संबंध में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। अधिकारियों का मानना है कि स्क्रूटनी प्रक्रिया चलने के कारण साइबर अपराधी इसी अवसर का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

स्क्रूटनी प्रक्रिया का उठा रहे फायदा

यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की स्क्रूटनी के लिए छात्रों ने 17 मई तक आवेदन किया था। वर्तमान में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान साइबर ठग छात्रों को फोन कर भ्रमित कर रहे हैं और आर्थिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड की ओर से किसी भी छात्र को अंक बढ़ाने या स्क्रूटनी से संबंधित किसी प्रकार का भुगतान फोन के माध्यम से करने के लिए नहीं कहा जाता। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल पर विश्वास न करें और तुरंत बोर्ड कार्यालय, डीआईओएस कार्यालय या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

अधिकारियों ने बताया कि मामले की जानकारी साइबर सेल को दे दी गई है। कॉल करने वाले नंबरों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने छात्रों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की अपील की है।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा और स्क्रूटनी से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह आधिकारिक और पारदर्शी होती हैं। किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क या भुगतान फोन कॉल के माध्यम से नहीं मांगा जाता। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश से सावधान रहें और तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।