लोकबंधु राजनारायण को मरणोपरांत ‘काशी-रत्न सम्मान-2026’, पोते सुशील कुमार सिंह ‘तोयज’ ने नई दिल्ली में किया ग्रहण 

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाजवादी पुरोधा स्व. ‘लोकबंधु’ राजनारायण को मरणोपरांत प्रतिष्ठित ‘काशी-रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। रविवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में उनके पोते एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया कॉलेज के प्रबंधक सुशील कुमार सिंह ‘तोयज’ ने यह सम्मान ग्रहण किया।
 

वाराणसी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाजवादी पुरोधा स्व. ‘लोकबंधु’ राजनारायण को मरणोपरांत प्रतिष्ठित ‘काशी-रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। रविवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में उनके पोते एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया कॉलेज के प्रबंधक सुशील कुमार सिंह ‘तोयज’ ने यह सम्मान ग्रहण किया।

सीसीआरटी (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) एवं स्वरात्मिका फाउंडेशन ट्रस्ट, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में देश की कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। इस अवसर पर लोकबंधु राजनारायण के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसेवा के क्षेत्र में किए गए योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन और समाजवादी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

सम्मान ग्रहण करने के बाद सुशील कुमार सिंह ‘तोयज’ ने कहा कि लोकबंधु राजनारायण का पूरा जीवन निर्भीकता, जनसेवा और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के लिए समर्पित रहा। काशी की धरती से निकले इस महान जननेता को ‘काशी-रत्न’ सम्मान मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। समारोह में स्व. डॉ. रघुनाथ सिंह को भी मरणोपरांत ‘काशी-रत्न सम्मान’ प्रदान किया गया। वहीं पद्मश्री अशोक भगत को भी ‘काशी-रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्व. पं. श्रीधत लाल बहादुर राय की स्मृति में आयोजित ‘काशी-रत्न सम्मान’ एवं ‘स्वरात्मिका संगीत महोत्सव’ का हिस्सा रहा।

कार्यक्रम की आयोजक एवं निवेदक स्वरात्मिका फाउंडेशन ट्रस्ट की संस्थापक-निदेशक डॉ. एस. आर. के. राय शर्मा (डॉ. श्वेता) रहीं। समारोह के संरक्षक रामेश्वरम-काशी पीठाधीश अनंत विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अनंतानंद सरस्वती रहे।