जाल्हूपुर आरआरसी केंद्र बना शोपीस, बाहर कूड़े का ढेर, स्वच्छ भारत मिशन पर उठे सवाल

स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से बनाए गए जाल्हूपुर स्थित रीसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) अब भी पूरी तरह क्रियाशील नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि केंद्र के बाहर ही कूड़े का बड़ा ढेर जमा है, जिससे क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।
 

वाराणसी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से बनाए गए जाल्हूपुर स्थित रीसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) अब भी पूरी तरह क्रियाशील नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि केंद्र के बाहर ही कूड़े का बड़ा ढेर जमा है, जिससे क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।

गांवों में तरल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के उद्देश्य से स्थापित यह आरआरसी केवल दिखावे की वस्तु बनकर रह गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र के संचालन में लापरवाही के चलते गांवों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है।

इस मामले पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत चिरईगांव कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि आरआरसी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सचिव की है तथा सभी केंद्रों को सक्रिय करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए जा चुके हैं।

वहीं ग्राम पंचायत सचिव कमलेश बहादुर गौड़ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। ग्राम प्रधान सोनू ने भी कॉल रिसीव नहीं किया। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि ही उदासीन हैं, तो स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य कैसे पूरा होगा।